शिकारियों की करतूत: फारेस्ट एरिया से बाघ का शिकार कर जमीन में दफनाया

December 31st, 2021

डिजिटल डेस्क, अहेरी (गड़चिरोली)।  तहसील के आलापल्ली वनविभाग के तहत आने वाले अहेरी वन परिक्षेत्र के मोसम वनक्षेत्र में जमीन में दफनाए एक बाघ का शव पाया गया। बिजली कs तारों से करंट देकर पहले बाघ का शिकार किया गया, जिसके बाद बाघ के पंजों व अन्य अंग निकालकर उसे जमीन में दफना दिया गया। vघटना के बाद विभाग ने मामले की गंभीरता से जांच आरंभ कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोसम गांव के वनक्षेत्र क्रमांक 615 के सटे नाले के पास बदबू फैलने की जानकारी वनविभाग के अधिकारियों को मिली। जानकारी के आधार पर गुरुवार की सुबह वनाधिकारियों ने घटनास्थल को भेंट दी। इस समय जमीन के एक हिस्से में मक्खियां दिखायी दी।  बदबू आने के कारण वन कर्मचारियों की मदद से जमीन को खोदा गया। 

 जमीन से एक मादा बाघ का शव बरामद किया गया। बाघ के चारों पंजे इस समय गायब थे। जबकि अन्य अंग भी गायब बताए गए हंै। बाघ के इस शव को करीब 7 से 8 दिन पूर्व दफनाए जाने की प्राथमिक जानकारी वनविभाग ने दी है। इस समय घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर शिकार के लिए उपयोग में लायी गयी बिजली की तारें भी बरामद की गयी हैं। वनविभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा किया। इस समय पशुवैद्यकीय अधिकारी डा. उत्तरेश्वर सुरवसे, डा. पवन पावडे, डा. ज्ञानेश्वर गव्हाणे के पैनल ने बाघ के शव का शवविच्छेदन किया। इस समय वनाधिकारी आशीष पांडे, वन्यजीव मानद रक्षक उदय पटेल, देवलमरी के सरपंच लक्ष्मण कन्नाके, वन समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास राऊत, पूर्व उपसरपंच जगन्नाथ मडावी आदि प्रमुखता से उपस्थित थे। मामले की अधिक जांच गड़चिरोली के वनसंरक्षक डा. किशोर मानकर, आलापल्ली के उपवनसंरक्षक राहुल सिंह तोलिया, विभागीय वनाधिकारी नीतेश देवगडे के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी योगेश शेरेकर, वन परिक्षेत्र अधिकारी शिल्पा शिगोन कर रहे हैं।