दैनिक भास्कर हिंदी: बिरला-अंबानी को फायदा पहुंचाने हुआ अवनी का शिकार : NCP

November 6th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आदमखोर बाघिन अवनी के मारे जाने को लेकर शुरु हुई राजनीति में अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) भी कूद गई है। प्रदेश NCP अध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा है कि उद्योगपति बिरला और अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए अवनी का शिकार किया गया। उन्होंने कहा कि वन्य जीव कानून के अनुसार किसी जानवर के हिंसक होने पर उसे बेहोश कर पकड़ना चाहिए, लेकिन अवनी के मामले में नियमों का पालन नहीं किया गया। पाटील ने कहा कि कुछ खास उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए अवनी का शिकार किया गया। जिस इलाके में यह बाघिन विचरण करती थी, वहां रिलायंस की चूना पत्थर खदान है। उन्होंने कहा कि सरकार को वनों में होने वाली लकडियों और जानवरों के अवशेषों की चोरी क्यों नहीं दिखाई देती।

मुनगंटीवार का मेनका पर पलटवार
उधर, सोमवार को वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी पर पलटवार किया। मुनगंटीवार ने कहा कि मेनका को मामले में जानकारी का अभाव है वे चाहें तो इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करा सकतीं हैं। बाधिन का शिकार करने वाले शाफत अली खान को अपराधी बताए जाने पर मुनगंटीवार ने कहा कि ऐसा है तो केंद्रीय मंत्री होने के नाते मेनका उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे सकतीं हैं।

आपको बता दें, बाघिन को मारने पर मेनका गांधी नाराज हो गईं। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने इसे सीधा अपराध का मामला करार दिया। उन्होंने ट्वीट कर महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार पर निशाना साथा और कहा था कि अवनी को न मारने के कई अनुरोधों के बावजूद हत्या के आदेश दिए गए। मेनिका ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने मुद्दा उठाने की बात कही थी।

केंद्रीय मंत्री के आरोपों पर बोले वनमंत्री
मुनगंटीवार ने कहा था कि हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट भी बाधिन को मारने के आदेश दे चुके हैं। मामले में सफाई देते हुए मुनगंटीवार ने कहा कि उनके विभाग के किसी सचिव को बाघिन की हत्या के आदेश देने का अधिकार नहीं है। फैसला राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के मुताबिक लिया गया है। मुनगंटीवार ने कहा कि मेनका गांधी को वन्यजीवों से प्यार है लेकिन वे महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री हैं। तंज कसते हुए मुनगंटीवार ने कहा कि मुझे बाघिन के हमले में जान गंवाने वाली महिलाओं के बारे में भी सोचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बाघिन ने पांच लोगों की हत्या की तो उसके बाद उसे पकड़ने के आदेश दिए गए थे। लेकिन वन्यजीव प्रेमियों ने हाईकोर्ट में जाकर फैसले पर रोक लगवा दी। इसके बाद बाघिन के हमले में मरने वालों की संख्या 13 तक पहुंच गई।