ट्रेन में निगरानी: सफर अब बेखौफ, आरपीएफ के कर्मचारी बॉडी वार्न कैमरों से लैस

November 25th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ट्रेन में यात्रा के दौरान चोरी, महिलाओं से छेड़छाड़, मारपीट आदि वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को बॉडी वार्न कैमरों से लैस किया जा रहा है। यह बॉडी वार्न कैमरे सुरक्षा दल के जवानों की शर्ट में लगे होंगे। यह एक तरह से यह सीसीटीवी कैमरे की तरह काम करता है।  इससे गश्त के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को कैमरों में कैद किया जा सकेगा। 

कैमरे की क्षमता इस प्रकार
फिलहाल मध्य रेलवे नागपुर मंडल अंतर्गत रेसुब के 9 थानों को कुल 25 कैमरे मुहैया कराए गए हैं। 1 वर्ष के लिए प्रायोगिक तौर पर इन कैमरों का उपयोग होगा। बॉडी वार्न कैमरे की क्षमता 10 मेगा पिक्सल तथा 32 जीबी डेटा स्टोर करने की है। इन नाइट विजन कैमराें की मदद से रात्रि के वक्त भी बेहतरीन परिणाम मिलने की संभावना रेसुब अधिकारियों ने व्यक्त की है। इसके अलावा यह कैमरे वॉटर प्रूफ हैं तथा बारिश के मौसम में भी बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं। इन कैमरों की रिकाॅर्डिंग को 7 दिनों तक स्टोर किया जाएगा।

कर सकेंगे बेखौफ यात्रा 
विशेषकर महिला यात्रियों को भयमुक्त करने के लिए रेसुब की टीम को इन कैमरों से लैस किया जा रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अकेले सफर करने वाली युवतियों व महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करने के साथ यह कैमरे चेन स्नैचिंग, विनयभंग, तस्करी, मानव तस्करी आदि वारदातों के आरोपियों की धर-पकड़ के लिए उपयोगी साबित होंगे। संदिग्ध अथवा घर से भागे लोगों की पहचान करने के लिए भी इसका इस्तेमाल हो सकेगा। ट्रेन को मादक पदार्थों की तस्करी का जरिया बनाने वाले आरोपियों की शिनाख्त इन कैमरों की मदद से की जा सकेगी। साथ ही संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखने, आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने में भी रेसुब को मदद मिलेगी।

परिणाम अच्छा रहा तो और कैमरे उपलब्ध कराएंगे
प्रायोगिक तौर पर 1 वर्ष के लिए रेसुब के जवानों को इन कैमरों से लैस किया गया है। चलती ट्रेन में निगरानी के लिए फिलहाल इन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। परिणाम बेहतर मिले ताे इन कैमरों की संख्या में वृद्धि की जाएगी। हमारा उद्देश्य रेल यात्रा को सुरक्षित व बेखौफ बनाना है। -आशुतोष पांडेय, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त,रेसुब