दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर रेलवे स्टेशन पर चलेगी बैटरी कार

April 6th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  लंबे इंतराज के बाद नागपुर रेलवे स्टेशन पर दो बैटरी कार का शुभारंभ किया गया। कुलियों ने इसका आगाज किया। एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म जाने वाले बुजुर्ग, बीमार यात्रियों को राहत इससे मिलेगी, लेकिन इस बार यात्रियों को इस सुविधा के लिए किराया भी अदा करना पड़ेगा, क्योंकि  रेलवे ने इसका मेंटेनेंस निजी हाथों में सौंप दिया है। 

बीमार और बुजुर्गों को मिलेगी राहत
नागपुर रेलवे स्टेशन पर रोजना 125 यात्री गाड़ियों का आवागमन होता है। बड़ी संख्या में स्टेशन पर यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इनमें बीमार, बुजुर्ग व दिव्यांग यात्रियों का भी समावेश रहता है। एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए इनको एफओबी पार करना पड़ता है, इससे काफी परेशानी होती है। पिछले कुछ सालों तक एक संस्था के माध्यम से स्टेशन पर बैटरी कार नि:स्वार्थ चलाई जा रही थी, लेकिन रख-रखाव में रेलवे का कोई योगदान नहीं रहने से एक साल पहले इसे बंद किया गया। तब से लेकर अब तक यात्रियों को व्हील चेयर के भरोसे ही रहना पड़ता था। कई बार कुली नहीं मिलने से व्हील चेयर धकेलने वाला नहीं मिलता था। रेलवे ने इस परेशानी को देखते हुए स्टेशन पर एक निजी ठेकेदार के माध्यम से बैटरी कार शुरू कराई है, जो यात्रियों के लिए पैसे देकर ही सही, लेकिन राहत पहुंचाएगी।

स्वागत भी, चेतावनी भी 
पहले बैटरी कार पर लगेज ढुलाई होने से कुली बैटरी कार के विरोध में दिखाई देते थे, लेकिन गुरुवार को शुरू हुई बैटरी कार का कुलियों ने स्वागत किया, जिसका मुख्य कारण यह है कि, इससे यात्रियों को राहत मिलेगी। हालांकि कार से लगेज ढुलाई को लेकर कुलियों ने विरोध करने की चेतावनी भी दी है ।  

फेल हुई इलेक्ट्रिक चेयर 
कुछ दिन पहले शारीरिक रूप से अक्षम यात्रियों के लिए स्टेशन परिसर में नि:शुल्क इलेक्ट्रिक व्हील चेयर शुरू की गई थी, लेकिन यह पूरी तरह असफल होते दिखाई दे रही है। कुली अब्दुल मजीद ने बताया कि, इस चेयर में बैठे यात्रियों को डायरेक्ट कोच तक पहुंचाने की सुविधा है, लेकिन हर बार कोच के दरवाजे पर यात्रियों की भीड़ रहने से इसे ऑपरेट करना मुश्किल हो जाता है। यही नहीं, कुर्सी का लॉक खोलने के लिए भी इसे जोर से झटका देना पड़ता है, जिसके कारण यात्री गिर भी सकता है।