दैनिक भास्कर हिंदी: उद्धव को अयोध्या जाने आमंत्रण की जरुरत नहीः राऊत  

July 21st, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई।  उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम को लेकर प्रदेश की महाविकास आघाड़ी सरकार के घटक दल शिवसेना और राकांपा की अलग-अलग भूमिका सामने आई है।   शिवसेना के सांसद संजय राऊत ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अयोध्या जाने के लिए निमंत्रण की जरूरत नहीं है। हमें अयोध्या जाने का रास्ता मालूम है।   पत्रकारों से बातचीत में राऊत ने कहा कि भूमिपूजन के कार्यक्रम के निमंत्रण को लेकर कोई विवाद नहीं है। राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए निमंत्रण दिया है। देखना होगा कि ट्रस्ट कितने लोगों को बुलाता है और राजनीतिक सोशल डिस्टेंसिंग का कितना पालन करता है। राऊत ने कहा कि उद्धव अयोध्या हमेशा जाते हैं। उद्धव मुख्यमंत्री नहीं थे तब अयोध्या गए थे। वे मुख्यमंत्री बनने के बाद भी अयोध्या गए थे। यह राम मंदिर और उसके आंदोलन के प्रति शिवसेना की श्रद्धा है। अयोध्या और शिवसेना का एक नाता है। यह राजनीतिक नाता नहीं है। इसे कोई तोड़ नहीं सकता। शिवसेना राजनीति के लिए अयोध्या नहीं जाती। राऊत ने दावा किया कि राम मंदिर निर्माण का रास्ता शिवसेना ने तैयार किया है। मंदिर निर्माण में आने वाली बाधाओं को शिवसेना ने दूर किया। श्रद्धा और हिदुत्व के लिए शिवसेना ने बलिदान दिया। 

कोरोना की लड़ाई भगवान के आशीर्वाद से डॉक्टर ही लड़ेंगे-राऊत 
राऊत ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के राम मंदिर बनाने से कोरोना खत्म नहीं होने वाले बयान पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी और कहा कि कोरोना की लड़ाई सफेद कपड़े पहने हुए डॉक्टर लड़ रहे हैं। जिन्हें हम देवदूत कहते हैं। भगवान के आशीर्वाद से कोरोना की लड़ाई डॉक्टर ही लड़ेंगे। सभी की धर्म और ईश्वर पर श्रद्धा कायम रहती है। राऊत ने कहा कि डाक्टरों के योगदान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ने कबुल किया है।   इससे पहले राकांपा अध्यक्ष पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राम मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में जाने को लेकर कहा था कि कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बनाने से कोरोना खत्म हो जाएगा। केंद्र सरकार को लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान से उभारने की चिंता करनी चाहिए। 
 
आदमी ही आदमी के काम आ रहा है, भगवान का पता नहीः जयंत पाटील 
राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के राम मंदिर बनाने से कोरोना खत्म नहीं होने वाले बयान का राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष तथा राज्य के जलसंसाधन मंत्री जयंत पाटील ने समर्थन किया है। सोमवार को सांगली में पत्रकारों से बातचीत में पाटील ने कहा कि कोरोना संकट में व्हाटसएप पर एक संदेश घूम रहा है। जिसमें लिखा है कि कोरोना संकट में आदमी ही आदमी के काम आ रहा है। डॉक्टर और चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ ही देवदूत के रूप में काम कर रहे हैं। भगवान का कहीं पता नहीं है। इसी संदर्भ में पवार ने बयान दिया था।  पाटील ने कहा कि देश भर के राम भक्तों से पैसे जुटाकर राम मंदिर बनाया जा रहा है। सरकारी पैसे का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसलिए इस पर टिप्प्णी करने की जरूरत नहीं है। इसी बीच पाटील ने बताया कि सांगली- मिरज- कुपवाड मनपा, सांगली जिले की  सभी नगर पालिका, नगर पंचायत क्षेत्र में दोबारा 22 जुलाई से आठ दिनों के लिए लॉकडाउन किया जाएगा। यह लॉकडाउन  22 जुलाई को रात 10 बजे से 30 जुलाई को रात 10 बजे तक लागू रहेगा। जबकि सांगली के ग्रामीण इलाकों में जनता कर्फ्यू की स्थिति रहेगी।