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नई तकनीक से ऑनलाइन एग्जाम की तैयारी में यूनिवर्सिटी

नई तकनीक से ऑनलाइन एग्जाम की तैयारी में यूनिवर्सिटी

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने शीतकालीन एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार के आदेशानुसार इस बार भी यह एग्जाम ऑनलाइन होगी, लेकिन इस बार परीक्षा में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। यूनिवर्सिटी कुलगुरु डॉ. सुभाष चौधरी के अनुसार, इस बार नागपुर यूनिवर्सिटी प्रोमार्क कंपनी को ऑनलाइन एग्जाम का कामकाज नहीं सौंपेगी, बल्कि एक नई एजेंसी की मदद से एग्जाम पूरी करेगी। डॉ. चौधरी के अनुसार, यूनिवर्सिटी ने कुछ टॉप  सॉफ्टवेयर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक लेकर उनकी प्रणाली जानी है। यूनिवर्सिटी की जरूरत के अनुसार सबसे सटीक और पारदर्शी परीक्षा कराने वाली कंपनी को कामकाज दिया जाएगा। उन्होंने एक संभावना यह भी जताई कि नागपुर यूनिवर्सिटी स्वयं ही परीक्षा के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर सकता है। इस दिशा में संबंधित व्यक्तियों से चर्चा चल रही है। 

ये होंगे एग्जाम में बदलाव
डॉ. चौधरी के अनुसार, ग्रीष्मकालीन एग्जाम 2020 में हुई गलतियों से सबक लेकर यूनिवर्सिटी ने परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। सबसे खास बात यह कि पिछली बार की तरह 50 में से 25 प्रश्न हल करने का विकल्प विद्यार्थियों के पास नहीं होगा। विद्यार्थियों को सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य होगा। परीक्षा में मिक्स प्रकार के प्रश्न होंगे, जिसमें एमसीक्यू, रिक्त स्थान भरें, जोड़ी मिलाएं, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय जैसे प्रश्न विद्यार्थियों को हल करने होंगे। इसके साथ ही नकल रोकने के लिए प्रॉक्टरिंग की भी व्यवस्था की जा रही है।  

शनिवार-रविवार को एग्जाम
कोरोना संक्रमण के कारण गड़बड़ाए एकेडमिक कैलेंडर काे सुधारने के लिए नागपुर यूनिवर्सिटी इस बार एग्जाम में एक-डेढ़ माह व्यर्थ नहीं करना चाहता। यूनिवर्सिटी की मंशा है कि हर सप्ताह के शनिवार-रविवार को पेपर रखा जाए, ताकि सत्र प्रभावित न हो। परीक्षा पर विस्तृत गाइडलाइन के लिए यूनिवर्सिटी की टास्क फोर्स काम कर रही है। एग्जाम कब से शुरू होगी, इस पर डॉ. चौधरी ने कहा है कि अभी यूनिवर्सिटी टाइम-टेबल तैयार कर रहा है। अप्रैल माह के अंत तक सभी एग्जाम समाप्त करना विवि का लक्ष्य है। 

मोबाइल-कम्प्यूटर दोनों पर परीक्षा लेने का प्रयास  
नागपुर यूनिवर्सिटी पिछली बार की ही तरह मोबाइल फोन पर यह एग्जाम लेने जा रहा है, लेकिन इस बार विकल्प बढ़ाए जाएंगे। जानकारी के अनुसार मोबाइल फोन के साथ ही कंप्यूटर पर ब्राउजर की मदद से भी एग्जाम लेने पर विचार जारी है, लेकिन यह सब केवल विचार स्तर पर है, ठोस निर्णय होना शेष है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।