आईबीएम से एमओयू की तैयारी, अतिरिक्त विषय पढ़ सकेंगे विद्यार्थी: यूनिवर्सिटी ने नई दिशा की ओर बढ़ाया कदम, अब और ट्रेंड होंगे स्टूडेंट्स

August 9th, 2021

डिजिटल  डेस्क, नागपुर । राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय आईबीएम सॉफ्टवेयर कंपनी से एमओयू की तैयारी कर रहा है। इसके तहत आईबीएम के सॉफ्टवेयर और अन्य तकनीकी कोर्स यूनिवर्सिटी के विभागों और संलग्नित कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए  उपलब्ध रहेंगे। चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत अपने मौजूदा कोर्स के साथ विद्यार्थी एक नया विषय भी पढ़ सकेंगे। इसमें उत्तीर्ण होने के बाद विद्यार्थी की मार्कशीट पर भी अतिरिक्त कोर्स का उल्लेख होगा, जिसका लाभ उन्हें प्लेसमेंट या उच्च शिक्षा के रूप में मिलेगा। विवि कुगलुरु डॉ. सुभाष चौधरी के अनुसार दोनों संस्थाओं की इस दिशा में सकारात्मक चर्चा चल रही है। जल्द ही एमओयू की तैयारी की जा रही है। 

च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू : उल्लेखनीय है कि बीते कुछ वर्षों से राष्ट्रीय शिक्षा प्रारूप पर चलते हुए नागपुर यूनिवर्सिटी ने भी आईटी रिफार्म की ओर कदम बढ़ाए हैं। यूजीसी के निर्देश पर विवि ने अपने पीजी पाठ्यक्रमों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू किया है। वहीं उद्योग जगत के साथ संपर्क बढ़ कर विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोलने का भी प्रयास जारी है। बीते कुछ वर्षों में खासकर कोरोना काल में जिस प्रकार आईटी सेक्टर में बूम देखने को मिला है, उससे नागपुर यूनिवर्सिटी  भी ऐसे क्षेत्रों में अपने पांव पसारने का प्रयास कर रहा है। इसी उपक्रम के तहत यूनिवर्सिटी  आईबीएम के साथ एमओयू करने जा रहा है। इसके अलावा विदर्भ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ मिल कर भी यूनिवर्सिटी  कई उपक्रमों की तैयारी में है। 

प्रत्यक्ष कक्षाएं शुरू करने के लिए नागपुर विश्वविद्यालय पूरी तरह तैयार : कुलगुरु
कोरोना संक्रमण के कारण मार्च 2020 से बंद कॉलेजों में जल्द ही रौनक लौट सकती है। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय कुलगुरु डॉ. सुभाष चौधरी के अनुसार नागपुर समेत विदर्भ भर में कोरोना मामलों की कमी के कारण अब प्रत्यक्ष कक्षाएं शुरू करने पर विचार किया जा सकता है। जैसे ही राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट होगी, प्रत्यक्ष कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।

विद्यार्थियों को भेजे जा रहे संदेश : कुछ दिनों पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री उदय सामंत के साथ हुई कुलगुरुओं की बैठक में निर्देश प्राप्त हुए हैं कि विद्यार्थियों तक प्रत्यक्ष कक्षाएं शुरू करने को लेकर संदेश पहुंचाना शुरू करें, ताकि वे मानसिक रूप से तैयार हो सकें। इधर कॉलेजों ने भी विद्यार्थियों को सूचनाएं दे रखी हैं कि आगामी कुछ सप्ताह में विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष कक्षाओं के लिए आना पड़ सकता है। गौरतलब है कि मार्च 2020 में लॉकडाऊन लगने के बाद लगभग एक वर्ष तक प्रत्यक्ष कक्षाएं बंद रहीं। कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरु हुई। परीक्षा भी ऑनलाइन मोड में ही हुई।

पहली लहर की समाप्ति के बाद कोरोना मामलों में कुछ कमीं हुई, तो फरवरी 2021 में नागपुर यूनिवर्सिटी  ने प्रत्यक्ष कक्षाएं शुरू करने का आदेश जारी किया था। जिसमें यूनिवर्सिटी ने अपने संलग्नित कॉलेजों को 50 प्रतिशत विद्यार्थी क्षमता से शुरू करने को कहा था। कॉलेज में कक्षाएं रोटेशन पद्धति से लेने के निर्देश दिए गए थे। विद्यार्थियों के लिए सत्र में 75% उपस्थिति की शर्त हटा दी गई थी,  लेकिन कुछ ही दिनों बाद कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक दे दी, जिससे प्रत्यक्ष कक्षाएं बंद कर दी गई थीं। अब एक बार फिर कॉलेज कैंपस में रौनक लौटने के संकेत मिल रहे हैं।


 

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