दैनिक भास्कर हिंदी: बाल सेवा योजना: मुख्यमंत्री योगी का ऐलान- कोरोना में अनाथ हुए हर बच्चे पर हर महीने खर्च होंगे 4 हजार रुपए

May 29th, 2021

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। कोरोनावायरस महामारी के कारण माता-पिता की मृत्यु हो जाने से अनाथ हुए बच्चों के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में शनिवार को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत पढ़ाई का खर्च, विवाह का खर्च सरकार उठाएगी। बच्चों का हर तरह की आर्थिक मदद दी जाएगी। वहीं, कोरोना काल में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सरकार लैपटॉप व टेबलेट भी देगी।

सीएम योगी ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में कई बच्चों के माता-पिता का असमय देहान्त हो गया है। ऐसे बच्चों के लालन-पालन, शिक्षा-दीक्षा सहित विकास के सभी संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इन बच्चों के प्रति राज्य सरकार संवेदना का भाव रखती है। इन्हें अन्य बच्चों की तरह उन्नति के सभी अवसर मुहैया कराए जाएंगे।

सीएम योगी ने कहा कि बाल योजना के तहत बच्चों के बढ़े होने तक उनकी देखभाल करने वाले को 4,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यही नहीं, स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को टैबलेट अथवा लैपटॉप दिया जाएगा तो सरकार बालिकाओं के विवाह की व्यवस्था भी करेगी। बालिकाओं की शादी के लिए राज्य सरकार द्वारा 1 लाख एक हजार की राशि दी जाएगी।

गौरतलब है कि सीएम योगी ने कोरोना काल में  ऐसे बच्चों की पहचान करने के साथ-साथ उनके विकास के लिए समुचित व्यवस्था कराने के संबंध में महिला एवं बाल-विकास विभाग को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे। अब तक जुटाई गई जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 197 बच्चे ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिनके माता और पिता दोनों का निधन कोरोना संक्रमण के कारण हो गया है, जबकि 1799 बच्चों ने माता या पिता में से किसी एक को खोया है।

सीएम योगी ने कहा कि दस वर्ष की आयु से कम के ऐसे बच्चे जिनका कोई अभिभावक अथवा परिवार नहीं है, ऐसे सभी बच्चों को प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार की सहायता से अथवा अपने संसाधनों से संचालित राजकीय बाल गृह (शिशु) में देखभाल की जाएगी। मथुरा, लखनऊ प्रयागराज, आगरा एवं रामपुर में राजकीय बाल गृह (शिशु) संचालित हैं।

सीएम योगी ने बताया कि अवयस्क बालिकाओं की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। इन्हें भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (आवासीय) में अथवा प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह (बालिका) में रखा जाएगा। जहां इनकी देखभाल और शिक्षा-दीक्षा के होगी। वर्तमान में प्रदेश में 13 ऐसे बाल गृह संचालित हैं। इसके अलावा, सुविधानुसार इन्हें प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 18 अटल आवासीय विद्यालयों में रखकर उनकी देखभाल की जाएगी।

बालिकाओं के विवाह की समुचित व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार बालिकाओं की शादी हेतु रुपये 1,01,000 की राशि उपलब्ध कराएगी। साथ ही स्कूल अथवा कॉलेज में पढ़ रहे अथवा व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे सभी बच्चों को टैबलेट अथवा लैपटॉप की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

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