दैनिक भास्कर हिंदी: उत्तराखंड में बदला जाएगा CM ? तीरथ सिंह के चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ना चाहती भाजपा !

July 2nd, 2021

डिजिटल डेस्क, देहरादून। क्या उत्तराखंड में एक बार फिर राजनीतिक परिवर्तन होगा ? क्या उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बदला जाएगा ? क्या तीरथ सिंह रावत चुनाव जीत सकेंगे ? इन्हीं सवालों के बीच बीते बुधवार को अचानक मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को दिल्ली बुलाया गया। रावत दोपहर 2 बजे दिल्ली पहुंचे करीब 10 घंटे के लंबे इंतजार के बाद देर शाम भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह ने उनसे मुलाकात की। ऐसे में सियासी गलियारों में फिर से चर्चा तेज हो गई है कि भारतीय जनता पार्टी फिर उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदल सकती है। 

द इंडियन एक्सप्रेस न्यूज पेपर में प्रकाशित कॉलम दिल्ली कॉन्फिडेंशियल के मुताबिक भाजपा हाईकमान को यकीन नहीं है कि तीरथ सिंह रावत चुनाव जीत सकेंगे। वहीं, भाजपा भी अगले साल उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव तीरथ सिंह की अगुआई में लड़ने के मूड में नहीं है। इसके अलावा तीरथ सिंह संवैधानिक अड़चनों में फंसे हैं। 10 मार्च को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले तीरथ सिंह को 10 सितंबर 2021 से पहले यानी छह महीने में विधानसभा उपचुनाव जीतना होगा, तभी वो मुख्यमंत्री रह पाएंगे। 

उत्तराखंड में नहीं हो सकते उपचुनाव 
भाजपा उत्तराखंड में उपचुनाव कराना चाहती है। चुनाव आयोग कोविड की वजह से अभी एक राज्य में चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है। वहीं, कांग्रेस ने पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट 1951 का हवाला देते हुए कहा है कि जब विधानसभा चुनाव एक साल के भीतर होने हैं तो उप-चुनाव नहीं कराए जा सकते। ऐसे में भाजपा के पास मुख्यमंत्री बदलने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। हालांकि ये भाजपा का आंतरिक मामला है। हालांकि पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के तहत चुनाव आयोग के पास ये अधिकार है कि वो खुद तय करे राज्य के लिए उपचुनाव कराना जरुरी है या नहीं। 1999 में ओडिशा राज्य में ऐसा हो चुका है। तब विधानसभा का कार्यकाल एक साल से कम बचा था, लेकिन उपचुनाव कराए गए थे।

क्या भाजपा मुख्यमंत्री बदलेगी ?
भाजपा दोहरे संकट में फंसती दिख रही है। अगर उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदलती है तो फजीहत होने का डर है। वहीं, तीरथ सिंह की अगुआई में चुनाव लड़ती है तो हराने का खतरा मोल नहीं ले सकती। राज्य के इतिहास में ऐसा साल 2012 में हुआ था। जब चुनाव से ठीक पहले रमेश पोखरियाल निशंक को हटाकर बीसी खंडूरी को मुख्यमंत्री बनाया गया था। हालांकि, तब भाजपा को चुनाव में हार मिली थी।

एक राज्य 20 साल 8 मुख्यमंत्री 
उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में 20 साल के भीतर राज्य के जनता ने 8 मुख्यमंत्री देखे। सिर्फ नारायण दत्त तिवारी ऐसे मुख्यमंत्री रहे, जिन्होंने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा किया है। नारायण दत्त साल 2002 से 2007 तक मुख्यमंत्री रहे। 

 

 

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