दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर में 131 बच्चों पर होगा वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल

May 22nd, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को सर्वाधिक खतरा होने की आशंका है। इसी के मद्देनजर फेज टू और थ्री में 2 से 18 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल करने की मंजूरी डीजीसीआई (ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) ने दी है। देशभर के चार अस्पतालों में इसकी शुरुआत होने जा रही है। इसमें नागपुर का मेडिट्रिना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस अस्पताल भी शामिल है। यहां आगामी 10-12 दिन में क्लीनिकल ट्रायल शुरू होगी। कोवैक्सीन की निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने डीसीजीआई से ट्रायल की अनुमति मांगी है। इस ट्रायल के लिए अब तक 200 से अधिक स्वयंसेवकों के कॉल्स आ चुके हैं। यह जानकारी पत्र परिषद में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वसंत खडतकर ने दी है।

कमेटी में शामिल विशेषज्ञ
पत्र परिषद में बताया गया कि ट्रायल का सबसे तेज काम नागपुर में किया जा रहा है। तीन दिन पहले ही ट्रायल की शुरुआत करने का पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र प्राप्त होते ही तुरंत इंस्टीट्यूशनल इथिकल कमेटी की ऑनलाइन बैठक बुलाई गई थी। कमेटी में समाजसेवी, विधि विशेषज्ञ, एनजीओ के प्रतिनिधि, फॉर्मास्यूटिकल्स, विशेषज्ञ डॉक्टरों का समावेश है। इस कमेटी ने सारी स्थिति की जानकारी ले ली है। कमेटी ट्रायल के संबंध में सभी पहलुओं पर विचार कर निर्णय लेती है।

देश में कुल 525 बच्चे शामिल
देश के चार अस्पतालों में 525 बच्चों पर ट्रायल होगा। इसमें दिल्ली, पटना, हैदराबाद और नागपुर के अस्पताल हैं। नागपुर में 131 बच्चों पर ट्रायल होगा। इन बच्चों को तीन ग्रुप में विभाजित किया जाएगा। पहला ग्रुप 2 से 6, दूसरा ग्रूप 6 से 12 और तीसरा ग्रूप 12 से 18 आयु वर्ग का होगा। यह ट्रालय 208 दिन तक चलेगा। डॉ. खलतकर ने बताया कि जिन बच्चों का चयन किया जाएगा, वह स्वयंसेवक होंगे। उनके माता-पिता से अनुमति के बाद ही ट्रायल किया जाएगा। ये बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होने चाहिए। इन्हें न तो कोरोना संक्रमण हुआ हो और न ही कोई बीमारी हो।

रिपोर्ट के बाद शुरू होगा ट्रायल
डॉ. खडतकर के अनुसार आगामी 8-10 दिन में कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी, उसके बाद ट्रायल शुरू होगा। बच्चों को पहले डोज के 28 दिन बाद दूसरा डोज दिया जाएगा। जल्द ही स्वयंसेवकों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अब तक ट्रायल के लिए 200 से अधिक कॉल्स आ चुके है। पत्र परिषद में मेडिट्रिना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के सीएमडी डॉ. समीर पालतेवार, बाल रोग विशेषज्ञ व प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर डॉ. वसंत खडतकर, मेडिसिन क्लिनिकल ट्रायल के अधिकारी डॉ. आशीष ताजने उपस्थित थे।