दैनिक भास्कर हिंदी: आरक्षित स्टूडेंट्स से वसूली जा रही फीस

February 6th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। एससी व एसटी वर्ग के स्टूडेंट्स से शिक्षा शुल्क नहीं वसूलने का नियम होने के बावजूद वीएनआईटी व नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों से शुल्क वसूला जा रहा है। सरकार सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से संबंधित स्कूलों को आरक्षित विद्यार्थियों की फीस जमा करती है। सिस्टम की खामी का खामियाजा स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ रहा है। 

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का मामला
सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले आरक्षित स्टूडेंट्स की फीस का भुगतान सरकार की तरफ से संबंधित कॉलेजों को किया जाता है। अनुसूचित जाति (एससी) व अनुसूचित जनजाति (एसटी) के स्टूडेंट्स की पूरी फीस सरकार जमा करती है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) विद्यार्थियों को फीस में 50 फीसदी राहत मिलती है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले (थर्ड ईयर) अनिकेत संजय थुल से 2016-17 व 2017-18 में दो-दो लाख तक फीस ली गई। इस साल भी जब फीस मांगी गई, तो थुल परिवार ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय व राज्य के सामाजिक न्याय विभाग से संपर्क किया। 

वीएनआईटी से भी जुड़ा एक मामला 
विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) में बी आर्च (फोर्थ इयर) की छात्रा मयूरी गिरीश मेश्राम से पहले दो साल तक तो शुल्क नहीं लिया गया, लेकिन तीसरे व चौथे साल में शुल्क वसूला गया। एक साल की फीस 80 हजार रु. तक है। मेश्राम परिवार भी अब फीस देने के पक्ष में नहीं है। पीड़ित लोग सामाजिक न्याय विभाग से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

दो साल में जमा किए 4 लाख 
पहले दो साल नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में 4 लाख रुपए फीस जमा की। आरक्षित वर्ग से होने के बावजूद फीस ली गई। सामाजिक न्याय विभाग को सूचित किया गया।  सामाजिक न्याय विभाग ने इस संबंध में यूनिवर्सिटी को पत्र दिया है। आगे की कार्रवाई तक फीस नहीं जमा करने को कहा गया है। विभाग ने पूर्व में जमा की गई फीस वापस देने का भरोसा दिया है।  -संजय थुल (विद्यार्थी के पिता). 

पहले दो साल तक फीस नहीं ली, अब ले रहे हैं 
पहले दो साल तक फीस नहीं ली। अब फीस ली जा रही है। हमारी तरफ से भुगतान किया गया शुल्क वापस चाहिए। साथ ही फीस मांगना भी बंद होना चाहिए। आरक्षित वर्ग की फीस सरकार जमा करती है।  -मंजूषा मेश्राम, (छात्रा की मां) 

सीधे नहीं ले सकते फीस 
वीएनआईटी हो या नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट्स से सीधे शुल्क नहीं वसूल सकते। विभाग की तरफ से संबंधित स्टूडेंट्स की फीस कालेजों में जमा की जाती है। कालेज संबंधित स्टूडेंट्स की सूची विभाग को भेजे,  फीस जमा कर दी जाएगी। कॉलेज इन स्टूडेंट्स का आनलाइन फार्म भरकर विभाग को भेजे। आरक्षित वर्ग के जिन स्टूडेंट्स ने फीस जमा की, उन्हें वह फीस वापस की जाएगी। सिस्टम में गड़बड़ी के कारण पिछले साल तक फीस को लेकर समस्या रही, लेकिन अब कोई समस्या नहीं है। कॉलेज चाहे तो खुद भी हमसे संपर्क कर सकते हैं।  -सिद्धार्थ गायकवाड़, विभागीय उपायुक्त सामाजिक न्याय विभाग नागपुर. 

फीस वापस होगी 
आरक्षित वर्ग के जिन स्टूडेंट्स से फीस ली गई होगी, उन्हें फीस वापस की जाएगी। इसके पूर्व भी आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों की फीस वापस की गई है। 
-डा. प्रमोद पडोले, निदेशक वीएनआईटी नागपुर. 

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