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बिजली मीटर के लिए करना पड़ रहा इंतजार, कोरोना का कारण बताकर झाड़ा जा रहा पल्ला

बिजली मीटर के लिए करना पड़ रहा इंतजार, कोरोना का कारण बताकर झाड़ा जा रहा पल्ला

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  नागपुर शहर में फिलहाल बिजली के मीटर की भारी किल्लत चल रही है। डिमांड भरने के बाद एक महीने के भीतर नया मीटर लगना चाहिए, लेकिन शहर में डिमांड नोट भरने के बाद मीटर लगाने में दो महीने लग रहे हैं। कोरोना के कारण मुख्यालय से समय पर मीटर उपलब्ध नहीं होने की सफाई महावितरण की तरफ से दी जा रही है। 

बढ़ी प्रतीक्षा सूची 
शहर में सिंगल फेज नए घरेलू मीटर की प्रतीक्षा सूची करीब दो हजार और फाल्टी मीटर बदलने की प्रतीक्षा सूची एक हजार से ज्यादा हो  गई है। डिमांड नोट भरने के बाद एक महीने के भीतर मीटर लगना चाहिए, लेकिन मीटर की किल्लत होने से 16 दिसंबर 2020 से घरों में मीटर लगाने की रफ्तार बेहद सुस्त हो गई है। शहर में महाल, गांधीबाग, कांग्रेसनगर, सिविल लाइन्स व बुटीबोरी-एमआईडीसी डिवीजन हैं आैर सभी डिवीजन में नए मीटर लगाने व फॉल्टी मीटर बदलने की मांग बढ़ रही है।

इस तरह डीसी तक पहंुचते हैं मीटर 
महावितरण मुख्यालय मुंबई से मीटर नागपुर जोन आफिस पहुंचते हैं। यहां से डिवीजन तक और फिर सब डिवीजन तक मीटर पहुंचते है। सब डिवीजन से वितरण केंद्र (डीसी) में मीटर लाए जाते हैं। इसके बाद वितरण केंद्र का कर्मचारी संबंधित घरों में मीटर लगाता है। नए मीटर की मांग डीसी से सब डिवीजन होते हुए डिवीजन तक जाती है। डिवीजन से जोन आफिस में मीटर की मांग भेजी जाती है। मांग हमेशा ज्यादा होती है, ताकि वितरण केंद्र में मीटर हमेशा उपलब्ध रहे। 

15 हजार मीटर मिल गए, अब नहीं होगी किल्लत 
कोरोनाकाल में मीटर प्रोडक्शन पर असर हुआ आैर इसी कारण समय पर मांग से ज्यादा मीटर नहीं मिल पाए थे। महावितरण मुख्यालय से जोन को अब 15 हजार मीटर मिल गए हैं। शीघ्र ही ये मीटर डिवीजन से होकर डीसी तक पहुंच जाएंगे आैर मीटर की प्रतीक्षा में खड़े उपभोक्ताआें के घर मीटर लग जाएंगे। जब तक फाल्टी मीटर नहीं बदला जाता, तब तक एवरेज बिल भेजा जाता है। नए मीटर लगाने में अब परेशानी नहीं होगी।    -दीपाली माडेलवार, कार्यकारी अभियंता (प्रशासन) महावितरण नागपुर. 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।