comScore

दूसरे का निवाला नहीं देंगे - अजित पवार

दूसरे का निवाला नहीं देंगे - अजित पवार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री अजित पवार ने दो टूक कहा कि दूसरे का निवाला आपको नहीं दूंगा। उनका सीधा इशारा नागपुर जिला नियोजन समिति (डीपीसी) को मिलनेवाली निधि को लेकर था। उन्होंने कहा कि गत वर्ष नागपुर डीपीसी 300 करोड़ की थी और उपराजधानी के महत्व को देखते हुए 100 करोड़ की निधि अतिरिक्त दी गई थी। इस बार भी इतनी ही निधि देने के संकेत दिए। हालांकि वे यह कहना नहीं भूले कि अतिरिक्त निधि देने का अधिकार मुख्यमंत्री को है। उन्होंने पालकमंत्री डा. नितीन राऊत के नागपुर में नहीं होने का हवाला देते हुए कहा कि नागपुर, वर्धा व चंद्रपुर डीपीसी का फैसला मुंबई में होगा। 

-उपमुख्यमंत्री ने नागपुर व अमरावती विभाग के जिलों की डीपीसी की समीक्षा करने के बाद कहा 
-डीपीसी निधि के लिए नॉर्म्स (मानक) व सूत्र तय हैं। उसी के तहत हर जिले को निधि दी जाएगी। 
-नागपुर डीपीसी निधि पर अब पालकमंत्री डा. नितीन राऊत की उपस्थिति में मुंबई में फैसला होगा। 
-2021-22 के लिए भंडारा को 150 करोड़, गड़चिरोली को 275 करोड़, गोंदिया को 165 करोड़ मिलेंगे।  
-इसमें आदिवासी कल्याण व सामाजिक न्याय विभाग का निधि शामिल नहीं है। अलग से निधि मिलेगी। 

अच्छा करो, 50 करोड़ पाओ
पवार ने कहा कि बेहतर परफार्मंस करने वाले हर विभाग के एक जिले को 50 करोड़ की अतिरिक्त निधि मिलेगी। इसे ‘आव्हाण फंड’ नाम दिया गया है।  


वैधानिक विदर्भ विकास मंडल की मियाद बढ़नी चाहिए 
वैधानिक विदर्भ विकास मंडल का अस्तित्व कायम रहना चाहिए। मुख्यमंत्री व सरकार में शामिल पार्टियों के प्रमुख नेता इस बारे में चर्चा करेंगे। विदर्भ विकास मंडल की मियाद बढ़नी चाहिए, यह मेरा मत है। 

897 करोड़ खर्च होंगे स्वास्थ्य पर
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य में सभी जिलों को निधि दिया गया था। नागपुर समेत राज्य में अभी 897 करोड़ का निधि खर्च नहीं हुआ है। यह निधि स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। 

ओबीसी उपमुख्यमंत्री की मांग 
महाविकास आघाड़ी सरकार में कांग्रेस कोटे सेे मंत्री विजय वडेट्टीवार द्वारा आेबीसी उपमुख्यमंत्री की मांग करने के सवाल पर श्री पवार ने कहा कि श्री वडेट्टीवार ने जालना के कार्यक्रम में आेबीसी उपमुख्यमंत्री की मांग की थी, उन्हें हमारी शुभकामना। 

भर्ती पर रोक नहीं
पुलिस, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग में नौकरी भर्ती करने पर कोई रोक नहीं है। नए विकास कार्य व टेंडर को भी मान्यता दी जा रही है। पत्र परिषद में अतिरिक्त मुख्य सचिव देवाशीष चक्रवर्ती, विभागीय आयुक्त डा. संजीवकुमार, जिलाधीश रवींद्र ठाकरे आदि उपस्थित थे।

कमेंट करें
NwyYI