दैनिक भास्कर हिंदी: कोमा में पति, संरक्षक नियुक्ति किए जाने की मांग को लेकर पत्नी ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका

April 6th, 2019

डिजिटल डेस्क,मुंबई। आर्थिक संकट से जूझ रही पत्नी ने खुद को अपने पति का संरक्षक नियुक्त किए जाने की मांग को लेकर बॉबे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में पत्नी ने दावा किया है कि उसके डॉक्टर पति सितंबर 2013 से कोमा में है और काफी समय से बिस्तर में है। चूंकि पति अब चलने फिरने की स्थिति में नहीं है इसलिए मुझे अपने पति का संरक्षक नियुक्त किया जाए। ताकि वह अपने पति के नाम पर खुले बैंक खाते को आपरेट कर सके। 

न्यायमूर्ति अभय ओक व न्यायमूर्ति एमएस संकलेचा की खंडपीठ ने मामले से जुड़ी याचिका पर गौर करने के बाद पति की हालत का जायजा लेने के लिए मुंबई के नायर अस्पताल के अधीष्ठता को डॉक्टरों  को याचिकाकर्ता डॉक्टर मधु गुप्ता के घर में जाने का निर्देश दिया है। खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के पति के स्वास्थ्य से संबंधित  रिपोर्ट लिखित रुप से बंद लिफाफे में कोर्ट में पेश की जाए। 

इससे पहले हाईकोर्ट के निर्देश के तहत मुंबई के उपविभागीय अधिकारी ने याचिकाकर्ता के पति की सेहत के संबंध में एक रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि याचिकाकर्ता के पति की स्थिति को लेकर न्यूरोफिजिशन से भी परामर्श लिया जाए। जो की इस मामले में जरुरी नजर आ रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर खंडपीठ ने नायर अस्पताल के अधीष्ठता को याचिकाकर्ता के घर में न्यूरोफिजिसिएन डाक्टर को  भेजने का निर्देश दिया है। खंडपीठ ने कहा है कि न्यूरोफिजिसिएन के आने-जाने का खर्च याचिकाकर्ता वहन करे। खंडपीठ ने फिलहाल इस मामले की सुनवाई 30 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी है।कोर्ट के आदेश के बाद बीमार शख्स की न्यूरो सर्जन से जांच कर मेडिकल रिपोर्ट तैयार की जाएगी पश्चात आदेश दिए जाएंगे।

नांदराजोग रविवार को लेगे बांबे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नांदराजोग को रविवार को राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल सी.विद्यासागर राव बांबे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाएगे। श्री नांदराजोग हाईकोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश नरेश पाटील के स्थान पर पदभार संभालेगे। श्री पाटील 6 अप्रैल को अपने पद से सेवानिवृत्त हो रहे है। 

श्री नांदराजोग ने दिल्ली से 1981 में कानून की पढाई पूरी करने के बाद दिल्ली बार काउंसिल में खुद को वकील के रुप में पंजीकृत कराया था। कई वर्षों की वकालत के बाद श्री नांदराजोग वर्ष 2002 में दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रुप में नियुक्त किए गए थे। अप्रैल 2017 में उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। श्री नांदराजोग को व्यावासायिक व कंपनी से जुड़े मुकदमों के निपटारे में विशेषज्ञता हासिल है।