दैनिक भास्कर हिंदी: जल्द ही पेपरलेस होगा कलेक्ट्रेट, अधिकारियों को मिलेगी ट्रेनिंग

August 30th, 2017

डिजिटल डेस्क,भोपाल। राजधानी भोपाल के कलेक्ट्रेट को पेपरलेस करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विभागों को इंटीग्रेटेड सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर में मोटी-मोटी फाइलों और उन्हें संभालकर रखने की चुनौती को देखते हुए ये फैसला लिया गया है।

दरअसल खाद्य, राजस्व, नजूल, तहसील, आर्म्स, लाइसेंस, निर्वाचन आदि विभाग के दस्तावेजों को संभालकर रखना कलेक्ट्रेट प्रबंधन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। इन परिस्थितियों के चलते हर अफसर के टेबल पर फाइलों के अंबार लगते जा रहे हैं। इन फाइलों को सहेजकर रखना तथा समय पर उसका उपयोग करना दिन प्रतिदिन अफसरों के लिए मुसीबत का सबब बन रहा है। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए कलेक्ट्रेट को पूरी तरह से पेपरलेस बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पेपरलेस बनाने की प्रक्रिया के चलते इंटीग्रेटेड पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए अफसरों को सभी तरह की फाइलों को ऑनलाइन निपटाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग से सभी अफसरों में ऑनलाइन प्रक्रिया में दक्षता हासिल होगी।

2014 में भी हो चुकी है कोशिश
कलेक्ट्रेट को पेपरलेस बनाए जाने का कोशिश 2014 में भी हो चुकी है। काफी कोशिशों के बाद भी इस कार्य को सफलता नहीं मिल पाई थी। इन परिस्थितियों के चलते फाइलों पर बार कोड दर्ज नहीं हो पाया। वही अफसरों को मिलने वाले SMS में भी दिक्कतें बनी रही। वहीं इस पूरे सिस्टम की मानीटरिंग में भी कई कमियां रही।कलेक्टर डा. सुदाम खाड़े का कहना है कि कलेक्ट्रेट को पेपरलेस बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पोर्टल तैयार किया जा रहा है। अफसरों को परेशानी से राहत दिलाने के लिए उन्हें समूची ट्रेनिंग दी जाएगी।

वोटर कार्ड का काम होगा आसान
कलेक्ट्रेट को पेपरलेस हो जाने से सबसे अधिक लाभ उन नए मतदाताओं को मिलेगा जिनके वोटर कार्ड बनाए जा रहे है। उसमें करेक्शन का कार्य किया जा रहा है। जिला निर्वाचन कार्यालय में वोटर कार्ड के लिए बार कोडिंग शुरू हो गई है। इस कार्य से फर्जी वोटर कार्ड बनने का सिलसिला पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।

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