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छत्तीसगढ़: बस्तर में नशे के खिलाफ जागरुकता अभियान चला रही ‘ब्लू गैंग’

June 17th, 2018 17:50 IST

हाईलाइट

  • छत्तीसगढ़ में महिलाओं ने शराबियों से परेशान होकर घर में छुपने की बजाए उन्हें जागरूक करने के लिए निडर होकर सड़कों पर उतर आई हैं।
  • महिलाओं की 'ब्लू गैंग' नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए एक अभियान शुरू किया है।
  • अभियान के तहत महिलाएं खासतौर पर ऑटो-रिक्शा, बस और टैक्सी चालकों को नशे के नुकसान के बारे में जानकारी दे रही हैं।

डिजिटल डेस्क, बस्तर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं ने शराबियों से परेशान होकर घर में छुपने की बजाए उन्हें जागरूक करने के लिए निडर होकर सड़कों पर उतर आई हैं। इन महिलाओं की 'ब्लू गैंग' नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए एक अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत महिलाएं खासतौर पर ऑटो-रिक्शा, बस और टैक्सी चालकों को नशे के नुकसान के बारे में जानकारी दे रही हैं।

दरअसल छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में 13 महिलाओं ने नशे के खिलाफ लोगों को जागरुक करने ने लिए एक ग्रुप बनाया है। जिसका नाम 'ब्लू गैंग' है। गैंग की महिलाएं जागरुकता फैलाने के लिए एक अभियान चला रही हैं। इनका उद्देश्य ऑटो-रिक्शा, बस और टैक्सी चलाने वाले युवकों को नशे के खतरों के बारे में बताना और उन्हें नशे से मुक्त करना है। 

शांति नगर इलाके में देर रात तक देती हैं पहरा

ये महिलाएं रात में बस्तर के शांति नगर इलाके में करीब आठ बजे से रात 12 बजे तक पहरा देती हैं और शराब पीने वालों पर खास नजर रखती हैं। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कहीं पर भी लड़ाई होते देख या फिर देर रात तक खुले होटल पर हस्तक्षेप करती हैं। बस स्टैंड, होटल, सड़क किनारे अंधेरे कोने ऐसी जगहों पर शराबियों के इकट्ठा होने की ज्यादा संभावना रहती है इसलिए गैंग इन स्थानों पर ज्यादा निगरानी करती है।

खासतौर पर वाहन चालकों को करती हैं जागरूक 

महिलाओं की ये 'ब्लू-गैंग' न सिर्फ शांति नगर वार्ड में शराब पीने वालों पर नजर रखती हैं, बल्कि शराब के आदी लोगों की काउंसिलिंग भी करती है। 'ब्लू-गैंग' नशा करने वालों को बेहतर जीवन जीने के लिए भी प्रोत्साहित भी करती है। गैंग की महिलाएं बस, ऑटो ड्राइवर्स और रिक्शा ड्राइवर्स के बीच शराब के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने पर ध्यान केंद्रित करती हैं।

अभियान के बाद से घरों में लड़ाइयां कम हुई हैं

'ब्लू-गैंग' की एक महिला ने बताया कि, जब हमारे पति शराब पीकर घर पर हंगामा और लड़ाई करते हैं, तो हमें काफी परेशानी होती है, इसीलिए हमने इससे निपटने का फैसला किया। हम दूसरों के साथ-साथ अपने पतियों को भी बदलना चाहते हैं। महिलाओं के मुताबिक उनके इस अभियान से काफी बदलाव आया है। अब लोगों के घरों में कम लड़ाइयां होती हैं। साथ ही नशे को लेकर भी लोग पहले से ज्यादा समझदार हुए हैं। 

पुलिस भी कर रही महिलाओं की मदद

वहीं शांति नगर इलाके के एक पुलिस अधिकारी ने 'ब्लू-गैंग' की सराहना करते हुए कहा कि ये महिलाएं इलाके में शराब की समस्या पर नजर रखने के लिए बहुत अच्छा काम कर रही हैं। उन्होंने बताया, 'ये महिलाएं अतिसंवेदनशील जगहों का दौरा करती हैं और जब भी कोई समस्या होती है तो हस्तक्षेप भी करती हैं। पुलिस भी महिलाओं की इस पहल में मदद कर रही है।

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