दैनिक भास्कर हिंदी: सेहत के लिए फिट है लाइट म्यूजिक के साथ योग करना

July 29th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। लोगों के बीच योग का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। हर कोई अपने-अपने तरीके से योग करता है। कुछ लोग योग में नए-नए प्रयोग भी करते रहते हैं। कोई कुर्सी योग करता, तो कोई पानी में योग करता, कोई साइकिल पर ही योग करता है। लेकिन इन सबमें म्यूजिकल योग काफी पापुलर हो रहा है। इसे ज्यादातर युवा वर्ग पसंद कर रहा है। योग के साथ म्यूजिक जुड़ जाने से यूथ का रुझान इस ओर बढ़ रहा है। इससे महिलाएं भी जुड़ रही हैं। म्यूजिकल योगा में ट्रेनर लाइट म्यूजिक पर योग के आसन के साथ कोरियोग्राफी करते हैं। शरीर को स्वस्थ और निरोगी रखने के लिए योग और आसन तो प्राचीन काल से चले आ रहे हैं, लेकिन युवओं को इससे जोड़ने के लिए यह नया प्रयोग चल रहा है। इसमें साउंड सिस्टम पर फिल्मी और भक्ति गीतों के धुन बजाए जाते हैं, वहीं दूसरी और योग के आसन और योग की क्रियाएं सिखाई जाती हैं। योग के इस नयापन को म्यूजिकल योगा नाम दिया गया है। 
युवा वर्ग में तेजी से हो रहा पापुलर, महिलाएं और बच्चे भी जुड़ रहे।

ट्रेनर ने किया कोरियाग्राफ
अवनी तिवारी, स्टूडेंट के मुताबिक मैं पहले योग के आसन ही करता था। धीरे-धीरे इससे उबने लगा। आसन करने में उतना मजा नहीं आता था, फिर मैंने अपने ट्रेनर से नया प्रयोग करने के लिए कहा। उन्होंने लाइट म्यूजिक के साथ योग के आसनों को सेट किया। फिर सभी को क्लास में योग करने में मजा आने लगा। हम युवाओं को वैसे भी म्यूजिक पसंद होता है। संगीत की धुन तनाव मुक्त रखती है। म्यूजिक के साथ सूर्य नमस्कार, पद्मासन और कई तरह के आसन करने बताए गए हैं। म्यूजिकल योगा में युवाअों का इंट्रेस्ट बढ़ रहा है और इसमें नए लोग भी शामिल हो रहे हैं। 

नए प्रयोग होने ही चाहिए
संगीता पुगलिया, ट्रेनर ने कहा कि मैंने योगा के अासनों को लाइट म्यूजिक के साथ सेट किया है। विभिन्न आसनों को इसके साथ कोरियोग्राफी की है। समय के अनुसार बदलाव होना जरूरी है। युवाओं की पसंद बिल्कुल डिफरेंट होती है। वो नए प्रयोगों के साथ काम करना चाहते हैं। वैसे भी संगीत तनाव मुक्त रखने में सहायक है। इसलिए इसे योग के साथ जोड़ दिया गया है। म्यूजिकल योगा युवाअों के साथ हर किसी की पसंद बना हुआ है। इस ओर सभी का रुझान बढ़ रहा है। इसमें केवल युवा ही नहीं, बल्कि हर वर्ग जुड़ रहा है। बच्चे और महिलाओं को भी म्यूजिकल योगा भा रहा है।

तेज म्यूजिक का प्रयोग नहीं
सुरेश असाठी, स्टूडेंट के मुताबिक आजकल खानपान बहुत बदल गया है। जंक फूड लोग ज्यादा पसंद करने लगे हैं, इसलिए नियमित व्यायाम करना बहुत जरूरी है। मैंने सोचा कि योगा क्लास ज्वाइन की जाए, इसलिए हमने म्यूजिकल योगा क्लास ज्वाइन की। म्यूजिकल योगा में मनोरंजन भी होता है। लाइट म्यूजिक के साथ कानों को सुकून मिलता है। ये एक्सपेरिमेंट लाइट म्यूजिक के साथ किया जाता है, क्योंकि योगा के अासन साधारण तरीके से किए जाते हैं। इसमें धूम-धड़ाका वाला म्यूजिक नहीं होता है।