वायरल वीडियो पर भारी विवाद: राजस्थान में SIR प्रक्रिया को लेकर BLO को आया फोन, अधिकारी ने कलेक्टर के सामने आत्महत्या करने की कही बात

राजस्थान में SIR प्रक्रिया को लेकर BLO को आया फोन, अधिकारी ने कलेक्टर के सामने आत्महत्या करने की कही बात
राजस्थान में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़ा एक गंभीर वीडियो सामने आया है, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राजधानी जयपुर की हवामहल विधानसभा इलाके का यह वीडियो बताया जा रहा है।

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़ा एक गंभीर वीडियो सामने आया है, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राजधानी जयपुर की हवामहल विधानसभा इलाके का यह वीडियो बताया जा रहा है। जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक बीएलओ (BLO) और एक अन्य व्यक्ति की फोन बातचीत हो रही है। इस चर्चा से एसआईआर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

फोन पर क्या हो रही बातचीत?

वायरल मीडियो के मुताबिक, बीएलओ सामने फोन पर वाले व्यक्ति से नाजार दिखाई दे रहे हैं। चर्चा के दौरान बीएमओ यह कह रहे है, "पूरी बस्ती को ही हटा दूँ क्या? बस 50 नाम रख लेता हूँ, फिर तो आप चुनाव जीत जाएंगे ना? महाराज (विधायक बालमुकुंद आचार्य) भी चुनाव जीत जाएंगे।" बातचीत के दौरान बीएलओ इतना परेशान हो गए और कह रहे हैं, "मैं कलेक्टर साहब के पास जा रहा हूँ और वहीं आत्महत्या करूंगा।"

सामने फोन पर मौजूद व्यक्ति कुछ मतदाताओं को फर्जी बता रहे है और उन्हें हटाने का बीएलओ पर दबाव बना रहा है। इस पर बीएलओ ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा, "ये लोग यहीं बैठे हैं, कहीं पाकिस्तान या चाइना नहीं चले गए। इनके पास मकान के पट्टे, वोटर आईडी और आधार कार्ड जैसे सभी वैध दस्तावेज हैं। अगर मैं गलत नाम जोड़ रहा हूँ, तो मुझे सस्पेंड कर दो या 20 लोगों की नई टीम लगाकर जांच करवा लो।"

कांग्रेस नेता ने कार्यकर्ताओं को किया अलर्ट

इस वीडियो के सामने आने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, "ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि अनजान व्यक्तियों द्वारा SIR के माध्यम से कांग्रेसी वोटर्स के नाम कटवाने के लिए आपत्तियां दी जा रही हैं। सभी कार्यकर्ताओं को सचेत रहना चाहिए और किसी भी वैध मत को कटने नहीं देना है।"

नेता प्रतिपक्ष ने साधा निशाना

राज्य के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बताया, "मैं 28 हजार वोटों से विधानसभा चुनाव जीता था, 'इतने ही वोट काटने के लिए मेरे विधानसभा क्षेत्र में शिकायत की, अधिकारियों से पूछा तो दफ्तर छोड़कर चले गए', CCTV से जांच की जाए की हजारों फॉर्म कौन देकर गया', 500 से 700 वोट काटने के लिए एक ही आदमी द्वारा शिकायत की गई, खुलेआम फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा, कांग्रेस के वोट काटे जा रहे, BJP को चुनाव ही बंद करवा देना चाहिए, इतनी तकलीफ क्यों कर रहे?"

दरअसल, इस प्रक्रिया के दौरान कटे हुए मतदाताओं से 'फॉर्म-7' के तहत दावे एवं आपत्तियां मांगी गई। जिसकी आखिरी तारीख 15 जनवरी, 2025 थीं।

Created On :   15 Jan 2026 8:17 PM IST

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