CubeSanchar ने VyomLink-1 हाई-एल्टीट्यूड बैलून टेक्नोलॉजी डेमो सफलतापूर्वक पूरा किया

CubeSanchar ने VyomLink-1 हाई-एल्टीट्यूड बैलून टेक्नोलॉजी डेमो सफलतापूर्वक पूरा किया

CubeSanchar ने अपने VyomLink-1 हाई-एल्टीट्यूड बैलून टेक्नोलॉजी डेमो मिशन का फ्लाइट चरण सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य कम लागत वाली डेटा-रिले कम्युनिकेशन प्रणाली को वास्तविक उड़ान परिस्थितियों में परखना था।

इस मिशन को CubeSanchar की टीम के माहिर चाहवाला, कृष्णेन्द्र सिंह, पवन कुमार और साई प्रसाद धोधी ने मिलकर पूरा किया। टीम ने पेलोड डेवलपमेंट, टेस्टिंग, इंटीग्रेशन, कम्युनिकेशन सिस्टम और मिशन ऑपरेशंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उड़ान के दौरान VyomLink-1 ने लगभग 10 किलोमीटर की ऊंचाई और लगभग 16 किलोमीटर की स्लांट रेंज तक Store-and-Forward Data Relay क्षमता सफलतापूर्वक प्रदर्शित की।

सफल रिले चरण में अपेक्षित 20 में से 20 डेटा पैकेट सफलतापूर्वक प्राप्त हुए, यानी 100% पैकेट रिसेप्शन रहा और कोई भी पैकेट लॉस रिकॉर्ड नहीं हुआ।

लगभग 10 किलोमीटर की ऊंचाई के बाद नए भेजे गए Store Commands के लिए acknowledgement मिलना बंद हो गया। इसका सही कारण अभी जांच का विषय है और पेलोड रिकवर होने के बाद इसका विस्तार से विश्लेषण किया जाएगा।

महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस समस्या के बाद भी पेलोड लगातार काम करता रहा।

VyomLink-1 ने 32.8 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई से भी अपने हेल्थ बीकन भेजना जारी रखा, और लगभग 68 किलोमीटर की स्लांट रेंज तक कम्युनिकेशन सफलतापूर्वक दर्ज किया गया।

इससे CubeSanchar के कॉम्पैक्ट कम्युनिकेशन पेलोड की मजबूती का महत्वपूर्ण प्रमाण मिला। मुख्य Store-and-Forward प्रयोग में समस्या आने के बाद भी सिस्टम Near-Space जैसी ऊंचाई से पृथ्वी तक सिग्नल भेजता रहा।

इस मिशन के दौरान पेलोड को प्री-फ्लाइट टेस्टिंग की तुलना में कहीं अधिक कठिन पर्यावरणीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

लॉन्च से पहले सिस्टम को लगभग -15°C से -24°C तापमान के बीच टेस्ट किया गया था। वास्तविक उड़ान के दौरान पेलोड अनुमानित -60°C से -80°C तक की बेहद ठंडी परिस्थितियों से गुजरा, और इसके बावजूद उसने काम करना जारी रखा।

CubeSanchar की टीम अब पेलोड की रिकवरी का इंतजार कर रही है। रिकवर किए गए हार्डवेयर और ऑनबोर्ड रिकॉर्ड्स का अध्ययन किया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि 10 किलोमीटर के बाद Store-and-Forward सिस्टम में आई समस्या Receiving Link, Payload Electronics, Software, Onboard Storage या किसी अन्य फ्लाइट-संबंधित कारण से हुई थी।

टीम इस जांच को टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है।

CubeSanchar, STAR Labs Surat का भी हार्दिक आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने VyomLink-1 पेलोड के विकास में सहयोग दिया, अपनी सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति दी और पूरे टेस्टिंग एवं मिशन तैयारी अभियान के दौरान टीम का लगातार समर्थन किया।

VyomLink-1 मिशन ने अब तक तीन महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं:

  • लगभग 10 किलोमीटर ऊंचाई और 16 किलोमीटर स्लांट रेंज तक Store-and-Forward Relay सफल रहा।
  • 32.8 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई और लगभग 68 किलोमीटर स्लांट रेंज तक पेलोड कम्युनिकेशन जारी रहा।
  • ग्राउंड टेस्टिंग की तुलना में कहीं अधिक कठिन और ठंडी परिस्थितियों में भी पेलोड सफलतापूर्वक काम करता रहा।

CubeSanchar के लिए यह मिशन लैब टेस्टिंग से आगे बढ़कर कम लागत वाली डेटा-रिले कम्युनिकेशन प्रणाली को वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पेलोड पहले से ज्यादा ऊंचा गया, ज्यादा दूर गया और कहीं अधिक कठिन परिस्थितियों से गुजराफिर भी पृथ्वी से लगातार संवाद करता रहा।

VyomLink-1 से मिले डेटा का उपयोग अब CubeSanchar की अगली पीढ़ी की कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को और अधिक मजबूत, विश्वसनीय और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।

Created On :   4 Sept 2026 5:36 PM IST

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