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Safe App: चीनी ऐप की जगह अब कर सकते हैं इन सुरक्षित ऐप्स का इस्तेमाल 

Safe App: चीनी ऐप की जगह अब कर सकते हैं इन सुरक्षित ऐप्स का इस्तेमाल 

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत-चाइना बॉर्डर पर तनातनी का माहौल है। वहीं भारतीय खुफिया एजेंसियों ने 50 से अधिक चाइनीज ऐप्स को सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से खतरनाक बताया गया है। जिनका इस्तेमाल लाखों की तादाद में भारतीय यूजर्स कर रहे हैं। बीते दिनों एजेंसियों ने इन एप्स की लिस्ट भी जारी की थी, जिन्हें सरकार द्वारा बैन किए जाने अथवा लोगों द्वारा अपने फोन से जल्द हटाए जाने की बात कही गई थी। इसमें घबराने या निराश होने वाली कोई बात नहीं है क्योंकि इनके कुछ सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं, जिनका उपयोग रोजमर्रा की जिंदगी में किया जा सकता है।

इन एप्स का कर सकते हैं इस्तेमाल
चीनी एप टिक- टॉक (TIk- Tok) की जगह पर शेयर चैट (Share chat) का इस्तेमाल किया जा सकता। यह भी एक शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप है। इसके साथ ही आप इसके प्लेटफॉर्म पर अन्य यूजर्स संग बात भी कर सकते हैं। वर्तमान में शेयरचैट में 15 विभिन्न भारतीय भाषाओं में छह करोड़ से अधिक मासिक सक्रिय यूजर्स हैं।

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यदि आपको गेमिंग पसंद है, तो फोर्टनाइट (Fortnite) को पबजी (PUBG) मोबाइल गेम का एक ठोस विकल्प माना जा सकता है। बहरहाल पबजी पीसी को एक कोरियाई कंपनी पबजी कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित किया गया है, लेकिन इस गेम के मोबाइल वर्जन को चीन में स्थित टेनसेंट द्वारा विकसित किया गया है।

चीनी ऐप शेयरइट (SHAREit) ऑफलाइन फाइल साझा करने का एक बेहतर विकल्प रहा है, लेकिन इसके स्थान पर फाइल्स बाय गूगल (Files by Google) का उपयोग किया जा सकता है, जिसमें बिना इंटरनेट के सहारे ही ऐप्स, वीडियोज, इमेज,ऑडियो वगैरह को साझा कर सकते हैं।

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जियो ब्राउजर (Jio Browser) मोबाइल इंटरनेट कंपनी जियो द्वारा विकसित एक वेब ब्राउजर है जो इंटरनेट को तेजी से चलाने में मददगार है और इसी के साथ यह यूजर्स की गोपनीयता का सम्मान करता है। चाइना बेस्ड यूसी ब्राउजर (Uc browser) की जगह इसे उपयोग में लाया सकता है।

ठीक इसी तरह से ब्यूटी प्लस (Beauty plus) की जगह मेक इन इंडिया, कैमस्कैनर () की जगह एडोब स्कैन (Adobe scan ) को प्रयोग में लाकर अपने कई जरूरी कामों को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।