सामान्य वर्ग के पद पर आरक्षित वर्ग के आवेदक के चयन को चुनौती

सामान्य वर्ग के पद पर आरक्षित वर्ग के आवेदक के चयन को चुनौती

Bhaskar Hindi
Update: 2019-08-01 08:28 GMT
सामान्य वर्ग के पद पर आरक्षित वर्ग के आवेदक के चयन को चुनौती

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। हाईकोर्ट में सामान्य वर्ग के पद पर आरक्षित वर्ग के आवेदक के चयन को चुनौती दी गई है। जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस बीके श्रीवास्तव की युगल पीठ ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और प्रिंसपल रजिस्ट्रार एग्जामिनेशन को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब-तलब किया है। 

सामान्य वर्ग के पद पर आरक्षित वर्ग के आवेदक का चयन नहीं किया जा सकता 

ग्वालियर निवासी अनिरूद्ध सिंह तोमर की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि उसने हाईकोर्ट में पुस्तकालय सहायक के पद के लिए आवेदन दिया था। वह लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में उत्तीर्ण घोषित किया गया। इसके बाद भी उसका नाम चयन सूची में नहीं आया।  सामान्य वर्ग के पद पर आरक्षित वर्ग के आवेदक अजय आर्या का चयन कर लिया गया। अधिवक्ता अनिरूद्द्ध पांडे और विनय गौतम ने तर्क दिया कि सामान्स वर्ग के पद पर आरक्षित वर्ग के आवेदक का चयन नहीं किया जा सकता है। नियुक्ति को निरस्त कर याचिकाकर्ता को नियुक्ति दिए जाने का अनुरोध किया गया। प्रांरभिक सुनवाई के बाद युगल पीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।

हाईकोर्ट ने सागर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और उच्च शिक्षा विभाग के ओएसडी को लगाई फटकार

हाईकोर्ट ने विरोधाभासी हलफनामा पेश करने के मामले में सागर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार आरएम जोशी और उच्च शिक्षा विभाग के ओएसडी डॉ. धीरेन्द्र शुक्ला को जमकर फटकार लगाई है। एक्टिंग चीफ जस्टिस आरएस झा और जस्टिस विजय शुक्ला की युगल पीठ ने रजिस्ट्रार और ओएसडी को 14 अगस्त को फिर से हाजिर होने का आदेश दिया है। नर्मदा शिक्षा महाविद्यालय जबलपुर की ओर से याचिका दायर कर कहा गया कि हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद और राज्य सरकार की अधिकृत एजेन्सी एमपी ऑनलाइन के जरिए ही बीएड और एमएड के एडमिशन दिए जाए। हाईकोर्ट के आदेश के विपरीत सेंट्रल यूनिवर्सिटी सागर से संबंधित 37 कॉलेजों द्वारा बीएड और एमएड में प्रवेश दिए जा रहा था। इस मामले में अवमानना याचिका दायर की गई। अधिवक्ता मुकुंददास माहेश्वरी ने तर्क दिया कि सागर यूनिवर्सिटी से संबंधित कॉलेज हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे है। इस पर युगल पीठ ने सागर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और उच्च शिक्षा विभाग के ओएसडी को हलफनामा पेश करने का आदेश दिया था। विरोधाभासी हलफनामा पेश करने पर युगल पीठ ने 31 जुलाई को दोनों अधिकारियों को कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा था। बुधवार को दोनों अधिकारी कोर्ट में हाजिर हुए। ll

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