Bhopal Protest: फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन, सीएम शिवराज ने कहा- शांति भंग करने वालों से सख्ती से निपटेंगे

Bhopal Protest: फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन, सीएम शिवराज ने कहा- शांति भंग करने वालों से सख्ती से निपटेंगे

Bhaskar Hindi
Update: 2020-10-30 10:09 GMT
हाईलाइट
  • कांग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद की अगुवाई मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन
  • भोपाल के इक़बाल मैदान में फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के इक़बाल मैदान में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ गुरुवार को  प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद की अगुवाई में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ये प्रदर्शन किया। हालांकि इस दौरान कोरोना वायरस की गाइडलाइन का पूरी तरह से उल्लंघन किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पर सख़्ती दिखाई है और आरिफ मसूद समेत करीब 200 लोगों के खिलाफ थाना तलैया में धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सीएम शिवराज ने कहा, मध्य प्रदेश शांति का टापू है। इसकी शांति को भंग करने वालों से हम पूरी सख्ती से निपटेंगे। इस मामले में 188 आइपीसी के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, वो चाहे कोई भी हो। बता दें कि इकबाल मैदान में भोपाल में मध्य क्षेत्र के विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कई लोग मास्क नहीं लगाए थे। सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं किया गया। भीड़ के कारण पीरगेट, कमला पार्क जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक जाम हो गया था। इससे लोग काफी परेशान हुए।

दरअसल,  करीब दो सप्ताह पहले 16 अक्टूबर को फ्रांस में एक मुस्लिम अप्रवासी अब्दुल्लाख अंजोरोव ने एक टीचर सैमुअल पैटी का सिर कलम कर दिया था। पैटी ने अपने छात्रों को अभिव्यक्ति की आजादी का उदाहरण देते हुए पैगंबर मुहम्मद को दशार्ते हुए चार्ली हेब्दो के कार्टून दिखाए थे। इसे मुस्लिम अप्रवासियों ने अपने अपमान के तौर पर लिया। यहां तक कि शिक्षक ने मुस्लिम छात्रों को उनकी कक्षा में उपस्थित न होने का विकल्प भी दिया था। 

हालांकि पुलिस की कार्रवाई में चेचेन शरणार्थी अंजोरोव भी मारा गया। इस घटना के बाद से फ्रांस में कट्टरपंथी इस्लाम की निंदा की जा रही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों ने अपने बयान में कट्टरपंथी इस्लाम की आलोचना की थी और शिक्षक की हत्या को "इस्लामिक आतंकवादी हमला" कहा था। मैक्रों के बयान को लेकर दुनिया के कई देशों में विरोध हो रहा है। 

Tags:    

Similar News