पेश नहीं किया जा सका तीन तलाक बिल, राज्यभा का बजट सत्र भी खत्म

पेश नहीं किया जा सका तीन तलाक बिल, राज्यभा का बजट सत्र भी खत्म

Bhaskar Hindi
Update: 2019-02-13 03:04 GMT
पेश नहीं किया जा सका तीन तलाक बिल, राज्यभा का बजट सत्र भी खत्म
हाईलाइट
  • ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड विरोध में
  • बिल पास होने पर 3 तलाक देने वाले को मिलेगी सजा
  • लोकसभा में पास हो चुका है बिल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज्यसभा के पटल पर बुधवार को भी तीन तलाक बिल नहीं रखा जा सका। बिल को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद सदन में पेश करने वाले थे। ये बिल लोगसभा में पहले ही पास हो चुका है। राज्यसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन विपक्ष ने राफेल मुद्दे पर हंगामा किया, जिसके कैग की रिपोर्ट पेश की गई, इसके बाद सत्र को स्थगित कर दिया गया।

बता दें कि विपक्ष विधेयक को लगातार सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग कर रहा था। कई विपक्षी दल मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) बिल 2018 के विरोध में थे। एआईएमपीएलबी (ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड) भी तीन तलाक बिल का विरोध कर रहा है।

नए बिल में सरकार ने जो बदलाव किए गए है उसमें FIR तभी दर्ज की जाएगी जब पत्नी या कोई नजदीकी रिश्देदार इसकी शिकायत करें। विपक्ष की आपत्ति के बाद बिल में ये भी संशोधन किया गया है कि पति और पत्नी के बीच उचित टर्म मैजिस्ट्रेट समझौता कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रिपल तलाक गैर जमानती अपराध तो बना रहेगा, लेकिन मजिस्ट्रेट चाहे तो इसमें जमानत दे सकता है। हालांकि इससे पहले पत्नी की सुनवाई करनी होगी। 


बिल की प्रमुख बातें

  • गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आएगा ट्रिपल तलाक, हालांकि मजिस्ट्रेट इसमें बेल दे सकेंगे।
  • बिल में है तीन साल तक की जेल का प्रावधान।
  • पीड़िता के रिश्तेदार को भी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार होगा।
  • जम्मू कश्मीर में ये कानून लागू नहीं होगा।
  • ट्रिपल तलाक की पीड़ित महिला को गुजारा भत्ता का अधिकार।
  • मजिस्ट्रेट तय करेंगे गुजारा भत्ता।

लोकसभा में आसानी से पास हो गया था विधेयक
तीन तलाक को अपराध करार देने वाले इस विधेयक को लोकसभा में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पेश किया था, जिस पर दिन भर चली बहस के बाद वोटिंग हुई थी और शाम को इसे पास कर दिया गया था। AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसमें तीन संसोधनों की मांग रखी थी, ओवैसी का प्रस्ताव 2 वोटों के मुकाबले 241 मतों के भारी अंतर से खारिज कर दिया गया था, जबकि 4 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने तीन तलाक बिल के पास होने की घोषणा की थी।

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