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इस तरह अपनी कार से लें 30-45 kmpl माइलेज!

August 02nd, 2018 18:13 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।  आप भी अपनी रेगुलर कार से 30 से 45 kmpl माइलेज ले सकते हैं। हां ये सच है। पर आपको हमारे बताए अनुसार कार को चलाना होगा। हाइपरमाइलिंग सुना है आपने?.. नहीं सुना?..  चलिए हम बताते हैं आपको क्या होता है हाइपरमाइलिंग। हाइपरमाइलिंग है वो ड्राइविंग तकनीक जिसका एकमात्र मकसद होता है फ्यूल एफिशिएन्सी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना। लेकिन, क्या ये तकनीक रेगुलर ड्राइवर्स और भारत की आम सड़कों के लिए प्रैक्टिकल है? बताते हैं हम आपको।

उदाहरण के तौर पर Maruti suzuki Dzire को लेते हैं। ये देश की सबसे फ्यूल एफिशिएन्ट डीजल कार है। ARAI, जो की सरकार द्वारा संचालित सर्टिफाइंग एजेंसी है, उसके मुताबिक एक रेगुलर Maruti Dzire Diesel 28.4 Kmpl का माइलेज डिलीवर करती है। असल दुनिया में Dzire Diesel के मालिक अक्सर हाईवे पर 25 Kmpl का माइलेज रिपोर्ट करते हैं। लेकिन, इनमें रिकॉर्ड-ब्रेकिंग डीजल कार्स भी रही हैं, या यूं कहें के रिकॉर्ड-ब्रेकिंग हाइपरमाइलिंग ड्राइव्स की गयी हैं।

उदाहरण के तौर पर, कुछ साल पहले Maruti Suzuki द्वारा आयोजित की गयी एक ‘फ्यूल एफिशिएन्सी रैली’ में एक Dzire Diesel के मालिक ने 45.8 Kmpl का माइलेज ले कर दिखाया था। जी हां, ठीक पढ़ा आपने, और एक और कार मैगजीन ने एक Ford Fiesta Diesel Sedan से 32.3 Kmpl खींच लिए। ये दोनों कारनामे हाइपरमाइलिंग के बूते किये गए थे।

तो कैसे करते हैं हाइपरमाइल?

आपको बस एक खुले हाईवे पर गाड़ी करीब 60 Kph पर चलानी है 5वें या छठे गियर में। विंडोज थोड़ी खुली होनी चाहिए और कोई ऑडियो नहीं चल रहा होना चाहिए। ब्रेक या क्लच का इस्तेमाल आप सिर्फ तब करें जब बेहद जरूरी हो जाये। दूसरे शब्दों में, उन्हें इस्तेमाल न ही करें। गाड़ी न तेज करें, न धीमी। बस इस धीमी रफ्तार से चलते रहें-चलते रहें चाहे कुछ भी हो जाये। और अगर आप ऐसे गाड़ी चलायें तो एक रेगुलर Dzire Diesel से 35 Kmpl से ज्यादा माइलेज खींच सकते हैं। हां ये सच है, ये Maruti के Dzire Diesel अपने मैक्सिमम फ्यूल एफिशिएन्सी के दावे से भी 20 प्रतिशत ज्यादा है।

लेकिन, क्या ये प्रैक्टिकल है?

भारत जैसे देश में बिना AC के चलायी जा रही गाड़ी में आपको कितनी गर्मी लगेगी? और हाईवे पर 60 Kph की रफ्तार से गाड़ी चलाना आपको तेज गाड़ी चलाने वालों के लिए बना देगा एक ‘सिटिंग डक’।  एक कहीं ज्यादा तेज ट्रैफिक में धीमी चलने वाली गाड़ी होना निहायती असुरक्षित है। दूसरी गाड़ियां आपके अगल-बगल से तेज रफ्तार में निकलती रहेंगी और आजकल तो लोडेड ट्रक्स भी ज्यादा रफ्तार में चलते हैं। एक हाईवे पर 60kph पर गाड़ी चलाना कितना बोरिंग होगा, खासकर बिना म्यूजिक के? ऐसी फ्यूल एफिशिएन्सी का क्या फायदा।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।