comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Hyundai Venue को पीछे छोड़ Maruti Vitara Brezza फिर बनी नंबर वन 

Hyundai Venue को पीछे छोड़ Maruti Vitara Brezza फिर बनी नंबर वन 

हाईलाइट

  • जुलाई अगस्त में Vitara Brezza की बिक्री कमजोर पड़ गई थी
  • इस दौरान Hyundai Venue की बिक्री काफी तेजी से हुई थी
  • अब Venue से अधिक यूनिट की बिक्री के साथ Brezza फिर आगे हुई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी Vitara Brezza ने एक बार फिर से नंबर वन बिक्री का खिताब अपने नाम कर लिया है। बता दें कि जुलाई और अगस्त में Brezza की बिक्री धीमि पड़ गई थी और इस दौरान इस सेगमेंट में Hyundai Venue बिक्री में नंबर वन पॉजिशन पर आ गई थी। 

इतनी यूनिट बिकीं
वहीं इन दोनों महीनों में Maruti Vitara Brezza की बिक्री में काफी गिरावट रही। हालांकि सितंबर में Venue को पीछे छोड़ते हुए Brezza ने फिर नंबर-1 पर वापसी कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार Maruti Vitara Brezza ने सितंबर में 10,362 ब्रेजा बेची हैं। जबकि Hyundai Venue की बिक्री 7,942 यूनिट रही। मारुति ब्रेजा की शुरुआती कीमत 7.63 लाख रुपए है।

इसलिए बड़ी बिक्री
आपको बता दें कि सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी मार्केट में अब कई नई कार आ गई हैं। इनका मुकाबला सीधे तौर पर Vitara Brezza से होता है। ऐसे में कंपनी ने Brezza की बिक्री बढ़ाने के लिए इसके स्पेशल एडिशन मॉडल को लॉन्च किया। वहीं आकर्षक स्कीम भी इस एसयूवी पर दी गईं। जिसके बाद यह फिर से नंबर वन पॉजिशन पर आ गई है।

इंजन
Vitara Brezza सिर्फ डीजल इंजन में आती है। इसमें 1.3-लीटर DDiS डीजल इंजन दिया गया है। यह इंजन 89 Bhp का पावर और 200 Nm टॉर्क जेनरेट करता है। इसके साथ 5-स्पीड मैन्युअल और 5-स्पीड एएमटी गियरबॉक्स के ऑप्शन मिलता है।  

जल्द मिलेगा ये वेरिएंट
हालांकि इस एसयूवी का पेट्रोल इंजन वेरिएंट जल्द पेश किया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार इस एसयूवी में 1.5-लीटर का पेट्रोल इंजन दिया जाएगा। यह इंजन 103 bhp का पावर और 138 Nm टॉर्क जनेरट करता है। मारुत‍ि सुजुकी ने 1.5-लीटर वाला यह पेट्रोल इंजन सबसे पहले पिछले वर्ष Maruti Ciaz में दिया था। इस इंजन से पुराने 1.4-लीटर वाले इंजन को रिप्‍लेस किया गया था। हालांकि Brezza में यह इंजन 5-स्‍पीड मैन्‍युअल और 4-स्‍पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आ सकता है। 

कमेंट करें
LigR4
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।