दैनिक भास्कर हिंदी: चीन हमेशा अर्थव्यवस्था में खुलापन चाहता है

November 28th, 2020

हाईलाइट

  • चीन हमेशा अर्थव्यवस्था में खुलापन चाहता है

बीजिंग, 28 नवंबर (आईएएनएस)। सुधार और खुलेद्वार की नीति लागू होने के बाद पिछले 40 से अधिक सालों में चीन लगातार खुलेपन बढ़ाता रहा है। इससे चीन ने न सिर्फ खुद का विकास किया, बल्कि दुनिया को भी लाभ पहुंचाया। इस साल से विश्व अर्थव्यवस्था में अस्थिरता और अनिश्चितता बढ़ी, एकतरफावाद और संरक्षणवाद फैल रहा है। इसी स्थिति में चीन ने खुलेपन को धीमा करने के बजाय इसे बढ़ाने के लिए सिलसिलेवार कदम उठाये। उदाहरण के लिए चीन ने विदेशी निवेश कानून और संबंधित नियमों का पूर्ण कार्यान्वयन किया, स्थिरता से वित्तीय बाजार में प्रवेश बढ़ाया, हाईनान मुक्त व्यापार बंदरगाह के निर्माण की योजना बनायी, शनचन और फूतोंग में सुधार और खुलेपन के कदम मजबूत किये।

तथ्यों से साबित हुआ है कि पिछले 40 से अधिक सालों में चीन में आर्थिक विकास की उपलब्धियां खुलेपन की स्थिति में हासिल हुईं, भविष्य में चीनी अर्थव्यवस्था का उच्च गुणवत्ता वाला विकास भी खुलेपन के सहारे किया जाएगा।

आज का चीन पहले से ही दुनिया के साथ जुड़ा है। चीन घरेलू आर्थिक चक्र को केंद्र बनाते हुए घरेलू और विदेशी चक्र को साथ में बढ़ा रहा है। उद्देश्य है कि चीन के आर्थिक विकास के लिए अवसर बढ़ाने के साथ विश्व आर्थिक पुनरुत्थान में नई उम्मीद जगाई जाएगी।

चीनी लगातार व्यापार और पूंजी को मुक्त और सरल बनाएगा, और अधिक देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता संपन्न करेगा, बहुपक्षीय और द्विपक्षीय व्यापारिक सहयोग व्यवस्था में सक्रियता से भाग लेगा, और उच्च स्तरीय खुली अर्थव्यवस्था बढ़ाएगा। इसके साथ चीन लगातार बहुपक्षीय व्यापारिक व्यवस्था का ²ढ़ समर्थन करेगा, सक्रियता से वैश्विक आर्थिक शासन व्यवस्था के सुधार में भाग लेगा। चीन का विकास दुनिया के लिए मौका है। चीन विभिन्न देशों को और ज्यादा अवसर देगा।

खुलेपन देश की प्रगति की पूर्व स्थिति है। अब आर्थिक वैश्विकरण का रुझान अपरिहार्य है, कोई भी देश बंद द्वार में विकास नहीं कर सकता।

(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)