comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

सीआईआई की पंजाब सरकार और किसानों से गतिरोध खत्म करने की अपील

November 17th, 2020 17:01 IST
 सीआईआई की पंजाब सरकार और किसानों से गतिरोध खत्म करने की अपील

हाईलाइट

  • सीआईआई की पंजाब सरकार और किसानों से गतिरोध खत्म करने की अपील

चंडीगढ़, 17 नवंबर (आईएएनएस)। औद्योगिक निकाय भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने मंगलवार को सरकार और किसान समूहों से केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर पंजाब में मौजूदा गतिरोध का हल खोजने का आह्वान किया।

औद्योगिक निकाय ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों की ओर से जारी आंदोलन के कारण आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहे नकारात्मक असर और रेल नाकेबंदी के मद्देनजर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को देखते हुए चिंता व्यक्त की है।

सीआईआई ने केंद्र और राज्य के साथ ही किसानों को एक साथ आने और इस संकट को समाप्त करने के लिए एक सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने की जरूरत पर जोर दिया।

ऐसा अनुमान है कि राज्य में उद्योगों को पहले से ही कोविड-19 के कारण पड़ने वाले प्रभावों के कारण हजारों-करोड़ों रुपयों का नुकसान झेलना पड़ा है। कोरोना संक्रमण के कारण ट्रेन सेवाएं लगभग 50 दिनों तक निलंबित रहने से पहले से ही राज्य के हालात अच्छे नहीं थे और अब आंदोलन के कारण भी पंजाब के आर्थिक हालात बिगड़े हैं।

पंजाब के उद्योग और वाणिज्य मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा का हवाला देते हुए, सीआईआई ने कहा कि अकेले लुधियाना और जालंधर में उद्योगों को 22,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

वहीं 13,500 से अधिक कंटेनर लुधियाना के पास ढंडारी में अटके हुए हैं और उन्हें देश के अन्य हिस्सों में नहीं भेजा जा सका है।

राज्य के कृषि विभाग के अनुसार, मंडियों में धान की फसल के उठान पर भी विपरीत असर पड़ा है और दिल्ली व राजपुरा में 60,000 बोरी का परिवहन नहीं हो सका है।

उद्योग को बड़ा नुकसान हो रहा है, क्योंकि रांची और पंजाब के बीच लगभग 13,000 वाणिज्यिक कंटेनर फंसे हुए हैं।

सीआईआई पंजाब स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष राहुल आहूजा ने कहा, हम समझते हैं कि किसानों को कृषि कानूनों को लेकर कुछ संदेह हो सकता है। हालांकि इस आंदोलन से अब न केवल बड़े व्यवसायों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि इससे स्थानीय उद्योग, श्रमिक, लॉजिस्टिक प्रदाता और छोटे किराना स्टोर, जो आपूर्ति प्राप्त करने में असमर्थ हैं, वह भी प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जितने अधिक समय तक यह नाकाबंदी जारी रहेगी, इसका उतना ही अधिक नुकसान पंजाब को झेलना होगा।

वहीं सीआईआई पंजाब के उपाध्यक्ष भवदीप सरदाना ने भी इस मुद्दे का हल निकाले जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कच्चे माल और आधे तैयार माल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट ने बाजार में कार्यशील पूंजी (वर्किं ग कैपिटल) और नकदी पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

केंद्र सरकार और किसानों के बीच 13 नवंबर को दिल्ली में हुई वार्ता में इस मुद्दे का कोई हल नहीं निकल सका।

अब 21 नवंबर को केंद्र सरकार के साथ एक और बैठक से पहले किसान यूनियनें चंडीगढ़ में आंतरिक चर्चा कर रही हैं।

एकेके/एसजीके

कमेंट करें
LSf5i
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।