क्लोजिंग बेल: उतार- चढ़ाव के बीच सेंसेक्स- निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए

August 4th, 2022

हाईलाइट

  • सेंसेक्स 51.73 अंक गिरकर 58,298.80 के स्तर पर बंद हुआ
  • निफ्टी 6.15 अंक की गिरावट के साथ 17,382.00 पर बंद हुआ

डिजिटल डेस्क, मुंबई। चीन एवं ताइवान के मध्य भूराजनीतिक तनाव उत्पन्न होने के कारणदेश का शेयर बाजार कारोबारी सप्ताह के चौथे दिन (04 अगस्त 2022, गुरुवार) गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर रहे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 51.73 अंक यानी कि 0.09% गिरकर 58,298.80 के स्तर पर बंद हुआ।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 6.15 अंक यानी कि 0.04% की मामूली गिरावट के साथ 17,382.00 के स्तर पर बंद हुआ।

निफ्टी के 50 शेयरों में से 33 हरे रंग में रहे जो व्यापक खरीदारी दर्शाते हैं।इंडिया विक्स 4.39 प्रतिशत चढ़कर 19.26 पर रहा जो आने वाले सत्र में अधिक उतार- चढ़ाव होने का संकेत है। क्षेत्र विशेष में आईटी एवं हेल्थकेयर सूचकांक 1 से 2 प्रतिशत बढ़े जबकि पावर तथा रियलिटी सूचकांकों में 1 प्रतिशत की गिरावट रही। निफ्टी के शेयरों में सिप्ला, नेस्ले, सनफार्मा, इंफी तथा हिंडाल्को में सर्वाधिक वृद्वि रही जबकि एनटीपीसी , टाटा कन्ज्यूम, कोल इंडिया तथा रिलायंस में सबसे अधिक गिरावट आयी। 

तकनीकी आधार पर निफ्टी ने दैनिक चार्ट पर समान्तर लाइन के साथ  200 डीएमए पर सपोर्ट लिया है जो तेजड़ियों के सक्रिय रहने का संकेत है। निफ्टी ने 17500 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर पर अवरोध का सामना किया है, इस स्तर को पार करना भविष्य की रैली के लिए बहुत आवश्यक है। निफ्टी के ओपन इंटरेस्ट डेटा में, कॉल में सर्वाधिक ओपन इंटरेस्ट 17500, फिर 17600 पर है जबकि पुट में 17000 पर है। गतिमान संकेतक एमएसीडी दैनिक समयाविधि में सकारात्मक क्रॉसओवर के साथ ट्रेड कर रहा जो तेजी का परिचायक है। निफ्टी का सपोर्ट 17150 पर स्थान्तरित हुआ है जबकि तेजी की स्थिति में 17500 एक तात्कालिक अवरोध है। बैंक निफ्टी का सपोर्ट 37000 जबकि अवरोध 38200 पर है। 

सूचकांकों के फ्यूचर एवं ऑप्शन सौदों के कटान के दिन बाजार आज बिकवाली को आत्मसात  करने से सफल रहा जो तेजड़ियों की शक्ति दर्शाता है। यदि चीन ताइवान मोर्चे पर स्थिति अधिक नहीं बिगड़ती है तो बाजार में तीव्र उछाल देखा जा सकता है। छोटी मात्रा में छोटे लाभ के लिए कड़े स्टॉप लॉस के साथ एवं ऑप्शन के माध्यम से ट्रेड अधिक अच्छी रणनीति लग रही है।

पलक कोठारी
रीसर्च एसोसिएट
चॉइस ब्रोकिंग

Source: Choice India