दैनिक भास्कर हिंदी: दिसंबर माह में 2.19% रही खुदरा महंगाई दर, जून 2017 के बाद निचला स्तर

January 14th, 2019

हाईलाइट

  • खुदरा महंगाई दर के दिसंबर माह के आंकड़े सोमवार को जारी किए गए।
  • उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर दिसंबर 2018 में घटकर 2.19% पर पहुंच गई है।
  • फ्यूल और कुछ फूड आइटम्स के दामों में आई कमी की वजह से खुदरा महंगाई दर का जून 2017 के बाद यह निचला स्तर है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। खुदरा महंगाई दर के दिसंबर माह के आंकड़े सोमवार को जारी किए गए। उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर दिसंबर 2018 में घटकर 2.19% पर पहुंच गई है। नवंबर 2018 में यह 2.33% थी। फ्यूल और कुछ फूड आइटम्स के दामों में आई कमी की वजह से खुदरा महंगाई दर का जून 2017 के बाद यह निचला स्तर है। दिसंबर 2017 की बात करे तो यह 5.21% थी।

सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक कंज्यूमर फूड प्राइज इंडेक्स महीने दर महीने के आधार पर नवंबर के -2.61% के मुकाबले -2.51% पर पहुंच गया है। ईंधन और बिजली की महंगाई दर नवंबर के 7.39% के मुकाबले घटकर 4.54% हो गई। हाउसिंग इंफ्लेशन नवंबर में 5.99% थी जो दिसंबर में घटकर 5.32% पर पहुंच गई। सब्जियों की महंगाई दर -15.59% से घटकर -16.14% हो गई। नवंबर के 3.53% की तुलना में दिसंबर में कपड़ों और जूतों की महंगाई दर घटकर 3.52% हो गई। दालों की महंगाई दर -9.22% के मुकाबले -7.13% हो गई।

इस बीच, ईंधन और कुछ खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी की वजह से थोक मूल्यों पर आधारित इंफ्लेशन भी दिसंबर, 2018 में 8 महीने के निचले स्तर 3.80% पर आ गई। होलसेल प्राइज इंडेक्स (WPI) आधारित इंफ्लेशन नवंबर, 2018 में 4.64% और दिसंबर 2017 में 3.58% थी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 0.07 प्रतिशत रही है, जो नवंबर में 3.31 प्रतिशत थी।

क्या होता है CPI इंडेक्स?
CPI यानि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक। यह रिटेल महंगाई का इंडेक्स है। रिटेल महंगाई वह दर है, जो जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। यह खुदरा कीमतों के आधार पर तय की जाती है। भारत में खुदरा महंगाई दर में खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी की करीब 45% है। दुनिया भर में ज्यादातर देशों में खुदरा महंगाई के आधार पर ही मौद्रिक नीतियां बनाई जाती हैं।