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ईईएसएल की 5 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ की योजना (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

June 17th, 2020 18:30 IST
 ईईएसएल की 5 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ की योजना (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

हाईलाइट

  • ईईएसएल की 5 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ की योजना (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। कोविड-19 के प्रकोप के कारण लटकी विद्युत पीएसयू के संयुक्त उद्यम ईईएसएल की लिंस्टिंग प्रक्रिया अब मौजूदा वित्त वर्ष के अंत में या अगले वित्त वर्ष के प्रारंभ में शुरू हो सकती है।

इस सुपर-इनर्जी सर्विस कंपनी का गठन एनटीपीसी, पीएफसी, आरईसी और पॉवरग्रिड सहित अन्य विद्युत पीएसयू के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में किया गया है और यह उपभोक्ताओं, उद्योगों और सरकारों को सक्षम प्रौद्योगिकी के जरिए अपनी ऊर्जा जरूरतों का प्रभावी प्रबंधन करने में सक्षम बनाता है।

ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने आईएएनएस से कहा कि कंपनी की 5,000 करोड़ रुपये के आईपीओ की योजना अभी भी टेबल पर है।

कुमार ने कहा, सूचीबद्ध होने की कंपनी की योजना अभी भी बरकरार है, लेकिन मौजूदा परिदृश्य (कोविड-19) और बाजार पर इसके प्रभाव के कारण स्थिति सामान्य होने के बाद हम इस पर वापस लौटेंगे।

उन्होंने कहा, यह मौजूदा वित्त वर्ष के अंत में या फिर अगले वित्त वर्ष के प्रारंभ में हो सकता है। लेकिन योजना निश्चित रूप से टेबल पर है। आईपीओ का मूल्यांकन अभी भी 5,000 करोड़ रुपये है।

मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान कंपनी के पूंजी व्यय के संदर्भ में कुमार ने कहा, हमारा अनुमान 5,000 करोड़ रुपये पूंजी व्यय का है, जिसमें से 1,000 करोड़ रुपये के इक्वि टी की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा, हमने अपने प्रमोटर्स से कुछ उपलब्ध कराने के लिए पहले ही कह दिया है और हमने स्मार्ट मीटर्स के लिए एक एसपीवी भी बनाया है। स्मार्ट मीटर्स के सभी निवेश में से 50 प्रतिशत ईईएसएल से और बाकी एनआईआईएफ (नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्च र फंड) से आएगा।

स्मार्ट मीटर कैटेगरी कंपनी का एक सबसे तेजी से बढ़ रहा सेगमेंट है। विभिन्न राज्यों ने अपने यहां बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाने में रुचि दिखाई है।

कुमार ने कहा, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों ने स्मार्ट मीटर पर हमारे से चर्चा शुरू की है। हम वित्त वर्ष 21 में 30 लाख स्मार्ट मीटर लगाने की आशा करते हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।