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उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करें किसान : तोमर

October 22nd, 2019 23:30 IST
 उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करें किसान : तोमर

हाईलाइट

  • उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करें किसान : तोमर

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करने की सलाह देते हुए कहा कि मृदा संसाधन को इस्तेमाल प्रकार किया जाना चाहिए भावी पीढ़ी भी इस संसाधन का भरपूर उपयोग कर सके।

तोमर और केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने यहां मंगलवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), पूसा में आयोजित द्विवार्षिक उर्वरक प्रयोग जागरूकता कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए उन्हें उर्वरकों का समुचित उपयोग करने और जमीन की उर्वरा शक्ति बनाए रखने की सलाह दी।

इस कार्यक्रम को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के 714 कृषि विज्ञान केंद्रों पर एकत्रित किसानों ने देखा।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, हमारे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि का योगदान 14 फीसदी है, लेकिन इसमें काफी संभावना है जिससे जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर करती है, लेकिन भोजन की जरूरतों के लिए सभी लोग इसी पर निर्भर हैं। लिहाजा, कृषि उत्पादन, उत्पादकता और इसकी निरंतरता में सुधार की जरूरत है।

तोमर ने कहा, मिट्टी को संतुलित मात्रा में उर्वरकों, सूक्ष्म पोषक तत्वों और रसायनों की जरूरत होती है। अत्यधिक इस्तेमाल किए जाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति समाप्त हो सकती है, इसलिए इसका इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक किया जाना चाहिए।

इस मौके पर सदानंद गौड़ा ने किसानों से हिंदी में संवाद किया। उन्होंने कहा, मुझे हालांकि बहुत अच्छी हिंदी नहीं आती है, लेकिन मैं हिंदी में ही आपको संबोधित करने की कोशिश करूंगा।

गौड़ा ने कहा कि कृषि ग्रामीण भारत की मुख्य आजीविका है और देश में खाद्यान्नों के उत्पादन की जरूरतों को पूरा करने के लिए उर्वरक सबसे अहम इनपुट है, लेकिन मृदा संरक्षण के लिए इसका उचित इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, खाद्यान्नों, पोषण, पर्यावरण और आजीविका की सुरक्षा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मृदा संरक्षण जरूरी है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।