comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

ईएमआई के ब्याज पर फैसला के लिए वित्त मंत्रालय व आरबीआई को 3 दिन की मोहलत

June 12th, 2020 16:00 IST
 ईएमआई के ब्याज पर फैसला के लिए वित्त मंत्रालय व आरबीआई को 3 दिन की मोहलत

हाईलाइट

  • ईएमआई के ब्याज पर फैसला के लिए वित्त मंत्रालय व आरबीआई को 3 दिन की मोहलत

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को सप्ताहांत में वित्त मंत्रालय और आरबीआई अधिकारियों की एक बैठक बुलाने के लिए कहा है, ताकि यह तय किया जा सके कि बैंकों की ओर से ईएमआई पर लगने वाला ब्याज लिया जा सकता है या नहीं।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, संजय किशन कौल और एम.आर. शाह की खंडपीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले में सवाल पूछे। पीठ ने कहा कि अदालत तभी से चिंतित है, जब केंद्र ने तीन महीने के लिए ऋण को टाल दिया था।

पीठ ने पूछा कि इन तीन महीनों का ब्याज (इंटरेस्ट) कैसे जोड़ा जा सकता है। मेहता ने जवाब दिया कि उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों के साथ बैठक करने की जरूरत है।

एसबीआई की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सुनवाई के दौरान कहा कि सभी बैंकों का मानना है कि छह महीने की ईएमआई पर ब्याज माफ नहीं किया जा सकता।

रोहतगी ने जोर देकर कहा, हमें आरबीआई के साथ इस पर चर्चा करने की जरूरत है।

इसके बाद न्यायमूर्ति भूषण ने मेहता को सप्ताहांत में आरबीआई और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक बुलाने के लिए कहा और मामले को 17 जून को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने संकेत दिया कि वह ब्याज की पूरी छूट पर विचार नहीं कर रही है, लेकिन केवल इस बात को लेकर चिंतित है कि मोराटोरियम (ऋण स्थगन) पर आगे ब्याज नहीं लगना चाहिए।

आरबीआई ने कहा था कि मोराटोरियम के दौरान ईएमआई पर इंटरेस्ट माफ करने के बाद देश की जीडीपी का एक प्रतिशत नुकसान होगा।

शीर्ष अदालत ने पहले वित्त मंत्रालय से जवाब मांगा था कि ब्याज माफ किया जा सकता है या यह अधिस्थगन अवधि के दौरान जारी रहेगा?

शीर्ष अदालत ने कहा कि ये सामान्य समय नहीं हैं और यह एक गंभीर मुद्दा है, क्योंकि एक तरफ मोहलत दी जाती है और फिर, इस अवधि के दौरान ऋण पर ब्याज लगाया जाता है।

आरबीआई ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर, 27 मार्च को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें बैंकों को तीन महीने की अवधि के लिए किस्तों के भुगतान के लिए मोहलत दी गई थी। इसके बाद आरबीआई ने 22 मई को 31 अगस्त तक के लिए तीन महीने की मोहलत की अवधि बढ़ाने की घोषणा की। नतीजतन, ऋण पर ब्याज चुकाने की मोहलत छह महीने की हो गई।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा गया कि बैंक ईएमआई पर मोहलत देने के साथ-साथ ब्याज भी लगा रहे हैं, जो कि गैर-कानूनी है। इसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई और केंद्र से जवाब मांगा है। ज्ञात हो कि राष्ट्रव्यापी बंद के बाद काम धंधे बंद होने की वजह से बहुत से लोग ऋण की ईएमआई नहीं चुका पा रहे हैं।

कमेंट करें
2aIFs
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।