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ओडीओपी के कॉमन फैसिलिटी सेंटर से उड़ेगी हुनर की उड़ान

June 01st, 2020 15:01 IST
 ओडीओपी के कॉमन फैसिलिटी सेंटर से उड़ेगी हुनर की उड़ान

हाईलाइट

  • ओडीओपी के कॉमन फैसिलिटी सेंटर से उड़ेगी हुनर की उड़ान

लखनऊ, 1 जून (आईएएनएस)। वोकल फॉर लोकल, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजक्ट है, इस प्रोजेक्ट को पंख लगाने की मुकम्मल तैयारी शुरू हो चुकी है। इसमें कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सरकार की मंशा हर जिले में एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करने की है। फिलहाल सरकार ने 14 ऐसे केंद्रों के स्थापना की मंजूरी दी है। इनमें 92 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। 17 और केंद्र पाइपलाइन में हैं।

इनके केंद्रों में ओडीओपी से जुड़े उद्यमियों हुनरमंदों की सारी समस्याओं (टेस्टिंग लैब, डिजाइन डेवलपमेंट सेंटर, कच्चा माल, कॉमन प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक, पैकेजिंग, लेवलिंग और बारकोडिंग आदि की सुविधा) का समाधान होगा। ऐसे किसी केंद्र की स्थापना में सरकार लागत का 90 फीसद वहन करेगी। बाकी खर्च संबंधित एसपीवी को उठाना होगा। एक केंद्र की अधिकतम लागत 15 करोड़ रुपये तक होगी।

मालूम हो कि ओडीओपी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू की गयी देश की अभिनव योजना है। इसका मकसद स्थानीय एवं परंपरागत उत्पादों एवं हुनर को निखार प्रदेश में स्थानीय स्तर पर आर्थिक खुशहाली और प्रदेश की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का विकास है। ऐसा होने पर स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश के हर व्यक्ति परिवार और समाज का संतुलित विकास होगा और श्रम एवं हुनर का पलायन रुकेगा।

हर जिले का एक्शन प्लान बनाकर वहां के उद्यमियों की समस्याओं को दूर किया जा रहा है। अब तक जो समस्या चिन्हित की गई हैं, उनमें पूंजी की कमी, परंपरागत पुरानी तकनीक, बाजार के बारे में कम समझ और उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग आदि प्रमुख हैं। सरकार क्रमश हर समस्या का समाधान कर रही है। मसलन पूंजी की कमी को दूर करने के लिए सरकार बड़ी मात्रा में ओडीओपी से जुड़ी एमएसएमई इकाईयों को बड़े पैमाने पर उदार शतोर्ं पर लोन दे रही है।

अभी हाल ही में करीब 57 हजार उद्यमियों को दो हजार करोड़ रुपये का ऋण दिया। इसी तरह के मेगा लोन मेला जून, जुलाई और अगस्त में भी आयोजित होंगे। इसके अलावा भी पीएमजीपी, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार, ओडीओपी वित्त पोषण, मुद्रा, स्टार्टअप और स्टैंडअप जैसी प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिए ओडीओपी से जुड़ी इकाईयों का वित्त पोषण किया जा रहा है।

इस क्रम में वित्तीय वर्ष 2018-19 में भी कुल 57 हजार करोड़ रुपये के ऋण बांटे गये। सरकार ने इस बाबत बैंक ऑफ बड़ौदा से एमओयू भी किया है। शेयर बाजार से ये इकाईयां पूंजी एकत्र कर सकें इसके लिए एनएसई और बीएसई से भी समझौता किया गया है। वेंचर कैपिटल फंड के लिए इसी तरह का समझौता सिडबी से भी किया गया है। उत्पादों की गुणवत्ता, बेहतर डिजाइनिंग और पैकेजिंग के लिए आईआईटी कानपुर, एकेटीयू, आईआईआईटी इलाहाबाद, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग, निट, एनआईडी, क्यूसीआई से भी समझौते किये गये हैं।

उत्पादकों को प्रतिस्पर्धी बाजार में अपने उत्पाद के वाजिब दाम मिलें इसके लिए राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में जाने के लिए रियायतों के प्रावधान किए गये हैं। ऑनलाइन बाजार चलन के मद्देनजर अमेजन से समझौता हो चुका है, फ्लिपकार्ट और अलीबाबा से भी समझौते की प्रक्रिया जारी है।

सीएफसी की मंजूरी मिलने वाले जिले आजमगढ़, उन्नाव, सिद्घार्थनगर, संभल, अंबेडकरनगर, आगरा, मुरादाबाद, बरेली, सहारनपुर, लखनऊ , वाराणसी, अलीगढ,़

सीतापुर हैं।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने कहा, ओडीओपी को प्रोत्साहित करने के लिए हर जिले का एक्शन प्लान बनाकर वहां के उद्यमियों की समस्याओं को दूर किया जा रहा है। अब तक जो समस्याएं चिन्हित की गई हैं उनमें पूंजी की कमी, परंपरागत पुरानी तकनीक, बाजार के बारे में कम समझ और उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग आदि प्रमुख हैं। सरकार क्रमश: हर समस्या का समाधान कर रही है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।