दैनिक भास्कर हिंदी: 8 महीने बाद फिर से शुरू होंगी भारत-बांग्लादेश के बीच उड़ानें

October 19th, 2020

हाईलाइट

  • 8 महीने बाद फिर से शुरू होंगी भारत-बांग्लादेश के बीच उड़ानें

ढाका, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोरोनावायरस महामारी के बीच बांग्लादेशियों के लिए ऑनलाइन वीजा आवेदन सेवाओं को फिर से शुरू करने के बाद भारत अब द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत 28 अक्टूबर से दोनों निकटतम पड़ोसी देशों के बीच उड़ान सेवा शुरू करने जा रहा है।

भारत ने वायरस फैलने के डर से इन उड़ानों को पिछले करीब 8 महीने पहले बंद कर दिया था। ये उड़ानें 5 भारतीय शहरों को ढाका से जोड़ेंगी। इसे लेकर ढाका में भारतीय उच्चायोग ने शनिवार को ट्वीट भी किया था।

रविवार को नागरिक उड्डयन प्राधिकरण बांग्लादेश (सीएएबी) के अध्यक्ष एयर वाइस मार्शल एम. मफीदुर रहमान ने कहा कि शुरूआत में दोनों देशों के लगभग 5,000 यात्री हर हफ्ते उड़ान भर सकेंगे। वहीं यात्रियों को किसी तीसरे देश के लिए उड़ान भरने की सुविधा नहीं होगी। साथ ही यात्रियों को उड़ान भरने से पहले कोविड-19 परीक्षण कराना अनिवार्य होगा।

इससे पहले 9 अक्टूबर को बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए ऑनलाइन वीजा आवेदन सेवाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की थी। जिसके तहत अब, चिकित्सा, व्यवसाय, रोजगार, पत्रकार और राजनयिक सहित नौ श्रेणियों में वीजा दिया जाएगा।

बांग्लादेश की तीन एयरलाइन कंपनियां एक हफ्ते में 28 उड़ानों का संचालन करेंगी, वहीं 5 भारतीय एयरलाइन कंपनियां भी इतनी ही उड़ानें संचालित करेंगी।

भारत के दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई से ढाका के बीच उड़ानें संचालित होंगी। इतने महीनों से यात्रा सुविधा न मिलने के कारण कई बंगलादेशियों को समस्याएं हो रही थीं क्योंकि उन्हें विशेष रूप से इलाज के लिए यहां आना होता है।

सामान्य दिनों में औसतन 3,500 से अधिक बांग्लादेशी प्रतिदिन भारत आते हैं, जिनमें से 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग चिकित्सा के लिए यात्रा करते हैं।

जनवरी 2018 से मार्च 2019 के बीच 13.7 मिलियन यानि कि 1.37 करोड़ से अधिक विदेशियों ने भारत में इलाज कराया, जिसमें से 2.8 मिलियन यानि कि 28 लाख बांग्लादेशी हैं।

अक्टूबर में ढाका पहुंचे भारतीय उच्चायुक्त विक्रम कुमार दोराईस्वामी ने कहा था कि अगस्त में ढाका यात्रा के दौरान भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने वादा किया था कि जल्द ही विमानन सेवाएं शुरू की जाएंगी, लिहाजा हम इसे शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध थे।

एसडीजे-एसकेपी