दैनिक भास्कर हिंदी: इकोनॉमी बूस्ट करने के लिए एक और कदम, अटके हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 25 हजार करोड़ मंजूर

November 7th, 2019

हाईलाइट

  • इकोनॉमी को बूस्ट करने के लिए एक और कदम
  • अटके हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 25,000 करोड़ रुपए के फंड को मंजूरी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मोदी सरकार ने बुधवार को इकोनॉमी को बूस्ट करने के लिए एक और कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1,600 से अधिक रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने में मदद करने के लिए 25,000 करोड़ रुपए के फंड को मंजूरी दे दी। इस अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (एआईएफ) में सरकार 10,000 करोड़ रुपए देगी। बाकी फंड भारतीय स्टेट बैंक और एलआईसी की मदद से जुटाया जाएगा।

कुल मिलाकर, 4.58 लाख हाउसिंग यूनिट्स को पूरा करने का टारगेट रखा गया है। रोजगार के अवसर देने और सीमेंट, आयरन, स्टील इंडस्ट्री में मांग बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर की यह योजना 14 सितंबर की योजना का एक संशोधित संस्करण है। इस बदलाव के बाद लैंडर की ओर से NPA घोषिए किए गए प्रोजेक्ट्स को भी एआईएफ फंड कर सकेगा।

एआईएफ फंड को एस्क्रो खाते के माध्यम से चरणों में जारी किया जाएगा। हर एक चरण के पूरा होने के बाद राशि जारी की जाएगी। सॉवरेन और पेंशन फंडों का पैसा लगाने के बाद एआईएफ की राशि में आगे और भी इजाफा हो सकता है। फंड का प्रबंधन SBI कैप्स की ओर से किया जाएगा।

सीतारमण ने कहा, कई सारे होमबायर पजेशन न मिलने के कारण समस्या का सामना कर रहे हैं। ऐसे होमबायर्स को घर का पजेशन न मिलने के बाद भी ईएमआई और रेंट दोनों का भुगतान करना पड़ रहा है। इस बीच, रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन 'क्रेडाई' ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, 'यह होमबॉयर्स की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करेगा।'