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PMC बैंक केस : EOW ने किया HDIL के प्रमोटर राकेश, सारंग वधावन को अरेस्ट

PMC बैंक केस : EOW ने किया HDIL के प्रमोटर राकेश, सारंग वधावन को अरेस्ट

हाईलाइट

  • EOW ने गुरुवार को PMC बैंक मामले में बड़ी कार्रवाई की
  • HDIL के निदेशक सारंग वधावन व राकेश वधावन को गिरफ्तार कर लिया गया
  • EOW ने एचडीआईएल की 3,500 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी भी फ्रीज कर दी है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने गुरुवार को पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (PMC) मामले में बड़ी कार्रवाई की। EOW ने हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) के कार्यकारी अध्यक्ष राकेश वधावन, कंपनी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सारंग वधावन को गिरफ्तार कर लिया। EOW ने एचडीआईएल की 3,500 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी भी फ्रीज कर दी है।

ये कार्रवाई FIR दर्ज होने और भारतीय रिजर्व बैंक की शिकायत के आधार पर पिता-पुत्र की जोड़ी सहित 17 लोगों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किए जाने के बाद की गई है। इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का भी गठन किया गया है। पीएमसी बैंक ने अनियमितता बरतते हुए एचडीआईएल को हजारों करोड़ रुपए का लोन बांटा था इसके कारण कम से 4,355 करोड़ रुपए का लोन डूब जाने का अनुमान है। बैंक के कर्मचारियों ने एचडीआईएल के खाते को एनपीए घोषित करने से बचाए रखने के लिए कई डमी अकाउंट्स का इस्तेमाल किया था।

बैंक के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर जॉय थॉमस ने अपनी एक चिट्ठी में कहा था कि उन्होंने 2008 से बैंक के लार्ज एक्सपोजर पर RBI को रिपोर्ट करना बंद कर दिया था। ऐसा उन्होंने रेपुटेशनल रिस्क के कारण किया था। 2011 तक बैंक में HDIL का एक्सपोजर 1,020 करोड़ रुपये (144 मिलियन डॉलर) था, जोकि बैंक के टोटल एडवांसेज 2000 करोड़ के आधे से ज्यादा था। RBI सिंगल बॉरोवर को कुल के पांचवे हिस्से से ज्यादा एक्सपोजर देने तक सीमित करता है, लेकिन बैंक ने इसका पालन नहीं किया।

जॉय थॉमस ने अपनी चिट्ठी में माना था कि एचडीआईएल समूह को दिया गया लोन 19 सितंबर 2019 को 6,500 करोड़ रुपए से अधिक था, जो 19 सितंबर 2019 तक बैंक के 8,880 करोड़ रुपए के कुल लोन का 73 प्रतिशत है।’ थॉमस ने पत्र में यह भी स्वीकार किया था कि बैंक का कुल एनपीए 60 से 70 प्रतिशत है।

पिछले हफ्ते, RBI ने PMC से विड्रॉवल को सीमित करने का कदम उठाया था। पहले विड्रॉवल को केवल 1000 रुपए और बाद में बढ़ाकर 10,000 रुपए कर दिया गया था। RBI की इस रोक के बाद जमाकर्ताओं ने PMC बैंक की शाखाओं का घेराव भी किया था। इस मामले में आरबीआई थॉमस सहित पूर्व प्रबंधन को पहले ही हटा चुकी है। वित्तीय अनियमितताओं सहित अन्य वजहों के चलते इन्हें हटाया गया है। आरबीआई के इस कदम से अब बैंक को एचडीआईएल का पूरा लोन एनपीए करना होगा।

पीएमसी बैंक में 11 हजार करोड़ रुपये जमा है। कई लोगों की इसमें लाखों रुपये की एफडी है। बैंक पर प्रतिबंध लगने के बाद मुंबई में कई शाखाओं पर लोगों को रोते हुए देखा गया। जिन लोगों ने इस बैंक में खाता खोला हुआ है उनमें ऑटो रिक्शा चालक, टैक्सी ड्राइवर्स, छोटे कारोबारी, पेंशनर्स, गृहणी शामिल हैं।

आरबीआई ने पिछले सप्ताह बैंक में संकट आने के बाद निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया था और मुख्य रूप से गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के कारण मुख्य रूप से प्रभावित हुए थे।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।