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Economy: चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी में 7.7 फीसदी की गिरावट का अनुमान, 1952 से अब तक का सबसे बड़ा कॉन्ट्रेक्शन

Economy: चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी में 7.7 फीसदी की गिरावट का अनुमान, 1952 से अब तक का सबसे बड़ा कॉन्ट्रेक्शन

हाईलाइट

  • देश की अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबर
  • जीडीपी में 7.7 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान

डिजिटल डेस्क, मुंबई। देश की अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबर है। कोविड-19 महामारी के प्रभाव से चालू वित्त वर्ष (2020-21) में जीडीपी में 7.7 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है। 1952 से अब तक के देश के इतिहास में पहली बार जीडीपी में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 4.2 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी। यह जानकारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी आंकड़ों में सामने आई है।

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NSO की ओर से गुरुवार को जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम (एडवांस्ड) अनुमान में कहा गया है कि कृषि को छोड़कर अर्थव्यस्था के लगभग सभी क्षेत्रों में गिरावट आएगी। NSO के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.4 फीसदी की गिरावट रहने का अनुमान है, जबकि एक साल पहले इस सेक्टर में ग्रोथ केवल 0.03 फीसदी रही थी। ‘खनन व उत्खनन’ में 12.4% और ‘ट्रेड, होटल, ट्रान्सपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग संबंधी सेवाओं’ में 21.4% की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौजूदा वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र में 3.4 फीसदी की ग्रोथ रहने का अनुमान है। हालांकि यह वित्त वर्ष 2019-20 में दर्ज की गई 4 फीसदी की ग्रोथ से कम है।

जीडीपी की 7.7 फीसदी की गिरावट का ये अनुमान भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के अनुमान से भी ज्यादा है। आरबीआई ने दिसंबर में कहा था कि 2020-21 में वास्तविक जीडीपी में 7.5 फीसदी की गिरावट आ सकती है। हालांकि आरबीआई ने इसके पहले जीडीपी में 9.5 फीसदी गिरावट का अनुमान लगाया था। वहीं विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की जीडीपी में 9.6 फीसदी गिरावट का अनुमान लगाया है। विश्व बैंक ने अपनी ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स की रिपोर्ट में कहा कि भारत उस समय महामारी की चपेट में आया था जब उसकी अर्थव्यवस्था में पहले से ही गिरावट दिख रही थी।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।