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मैग्नीफिसेंट एमपी में 650 से अधिक औद्योगिक प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की संभावना

October 14th, 2019 16:00 IST
 मैग्नीफिसेंट एमपी में 650 से अधिक औद्योगिक प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की संभावना

इंदौर, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की सत्ता बदलने के बाद निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए लुभाने के मकसद से इंदौर में 18 अक्टूबर को आयोजित होने वाले मैग्नीफिसेंट एमपी में 650 से अधिक उद्योगपतियों अथवा उनके प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की संभावना जताई जा रही है। वहीं इस मौके पर पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और इन्टीग्रेटेड वाटर सप्लाई सिस्टम तथा सिंहासा के आईटी पार्क का लोकार्पण भी होगा। साथ ही इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित किए जाने वाले इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) तथा तीसरे आईटी पार्क का भूमि पूजन होना प्रस्तावित है।

राज्य की औद्योगिक नगरी इंदौर में मैग्नीफिसेंट एमपी का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में करार के बजाय वास्तविक निवेश पर जोर दिया जाना प्रस्तावित है। साथ ही जो भी औद्योगिक घराने निवेश में रुचि दिखाएंगे, उन्हें तय समय सीमा में उद्योग स्थापित करना होगा। नई नीति के अनुसार 70 फीसदी रोजगार स्थानीय युवाओं को देने की बाध्यता भी रहेगी।

सूत्रों का कहना है कि इस एक दिवसीय मैग्नीफिसेंट एमपी में देश के 650 उद्योगपतियों और उनके प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की संभावना है। साथ ही विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रदर्शनी में स्टॉल लगाए जाना प्रस्तावित है।

सरकार की तरफ से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री कमलनाथ ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर के समीप विशाल प्रदर्शनी का 17 अक्टूबर को उद्घाटन करेंगे और इसका अवलोकन भी करेंगे। इस अवसर पर वह पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और इन्टीग्रेटेड वाटर सप्लाई सिस्टम तथा सिंहासा के आईटी पार्क का लोकार्पण करेंगे। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए जाने वाले आईएसबीटी तथा तीसरे आईटी पार्क का भूमि पूजन करेंगे।

मैग्नीफिसेंट एमपी का विधिवत शुभारंभ 18 अक्टूबर को सुबह 11 बजे होगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आदित्य बिड़ला समूह के क़े एम़ बिड़ला, ट्राइडेंट के राजिन्दर गुप्ता, एचईजी के रवि झुनझुनवाला, आईटीसी के संजीव पुरी, सनफार्मा के दिलीप संघवी, सीआईआई के अध्यक्ष विक्रम किलरेस्कर, इंडिया सीमेंट के श्रीनिवासन, गोदरेज समूह के आदी गोदरेज तथा लेप इंडिया के मार्क जेराल्ट अपने अनुभव साझा करेंगे।

बयान के अनुसार, मैग्नीफिसेंट एमपी के उद्घाटन के बाद में ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर के अलग-अलग सभागारों में विशेष सत्र होंगे। इसमें विभिन्न औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि अपने विचार साझा करेंगे। सभाकक्ष टुलिप में अर्बन मोबिलिटी एंड रियल एस्टेट विषय पर सत्र होगा। इसमें हीरानंदानी समूह के एमडी निरंजन हीरानंदानी तथा इंडिया सीमेंट के उपाध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक एन. श्रीनिवासन हिस्सा लेंगे। इसी तरह मेपल सभाकक्ष में एमपी एज ए लॉजिस्टिक हब विषय पर आयोजित सत्र में फाउंडर और गति लिमिटेड के सीईओ महेन्द्र अग्रवाल और टीएम इंटरनेशनल लॉजिस्टिक लिमिटेड के चेयरमेन संदीपन चक्रवर्ती अपने विचार रखेंगे।

बयान के अनुसार, इंडस्ट्री एमपी इमर्जिग इनोवेशन हब विषय पर अर्चिड हॉल में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कान्त और नेस्काम के अध्यक्ष देवजानी घोष तथा लिलिक हॉल में एमपी एज द इमर्जिग फार्माश्युटिकल डेस्टीनेशन विषय पर सनफार्मा के एमडी दिलीप संघवी तथा ड्रग कन्ट्रोलर ऑफ इंडिया के वी़ क़े सोमानी अपने विचार रखेंगे। इसके पश्चात सभाकक्ष मेपल में इमर्जिग अपॉच्र्युनिटी इन इंडस्ट्रीज विषय पर डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड के सचिव गुरुप्रसाद महापात्रा, अडानी विल्मर के प्रणव अडानी, बजाज फिनसर्व के संजीव बजाज और टुलिप सभाकक्ष में टेक्सटाइल और गारमेंट विषय पर आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमेन कुमार मंगलम तथा ट्राइडेंट के चेयरमैन राजिन्दर गुप्ता, लिलेक सभाकक्ष में टूरिज्म अपॉच्र्युनिटी इन एमपी विषय पर महिन्द्रा हॉलिडे के चेयरमैन अरुण नंदा और आईटीसी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर नकुल आनंद अपने विचार रखेंगे। अर्चिड सभाकक्ष में होने वाले अपॉच्र्युनिटी इन फूड प्रोफेसिंग विषय पर सत्र को रसना के एमडी पीरूज खम्बाटा, महिन्द्रा एग्री के एमडी अशोक शर्मा और आईटीसी के चितरंजन दार सम्बोधित करेंगे।

बयान के अनुसार, इसी दिन मेहर बैण्ड की प्रस्तुति होगी। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा और मुख्यमंत्री कमलनाथ का समापन भाषण होगा।

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।