comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

गेहूं का एमएसपी बढ़कर 1925 रुपये प्रति कुंटल, चना का 4,875 रुपये

October 24th, 2019 15:25 IST
गेहूं का एमएसपी बढ़कर 1925 रुपये प्रति कुंटल, चना का 4,875 रुपये

हाईलाइट

  • गेहूं का एमएसपी बढ़कर 1925 रुपये प्रति कुंटल, चना का 4,875 रुपये (लीड-1)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने आगामी रबी सीजन की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बुधवार को वृद्धि का ऐलान कर किसानों को दिवाली की सौगात दी। सरकार ने गेहूं का एमएसपी 85 रुपये बढ़ाकर 1,925 रुपये प्रति कुंटल कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में रबी विपणन वर्ष 2020-21 में बाजार में आने वाली फसली वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) की रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।

सरकार ने छह अनुसूचित रबी फसलों के एमएसपी में वृद्धि की है, जिसके अनुसार गेहूं और जौ का एमएसपी 85 रुपये बढ़ाकर क्रमश: 1,925 रुपये और 1,525 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। वहीं, चना का एमएसपी पिछले साल से 255 रुपये बढ़ाकर 4,875 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। मसूर का एमएसपी आगामी रबी विपणन वर्ष के लिए 325 रुपये बढ़ाकर 4,800 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। रबी सीजन की प्रमुख तिलहन फसल सरसों का एमएसपी 225 रुपये बढ़ाकर 4,425 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। वहीं, कुसुम का एमएसपी 270 रुपये की वृद्धि के साथ 5,215 रुपये प्रति कुंटल हो गया है।

मंत्रिमंडल में लिए गए फैसलों की जानकारी मीडिया को देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि गेहूं की फसल की लागत के मुकाबले 109 फीसदी प्रतिफल प्रदान किया गया है। इसी प्रकार जौ, चना मसूर, सरसों और कुसुम की फसलों की लागत के मुकाबले क्रमश: 66 फीसदी, 74 फीसदी, 76 फीसदी, 90 फीसदी और 50 फीसदी प्रतिफल प्रदान किया गया है।

इन फसलों की लागत के तहत श्रमिकों की लागत, बैल या मशीन की श्रम लागत, जमीन के पट्टे का किराया के साथ-साथ बीज, उर्वरक, खाद, सिंचाई, कृषि उपकरणों की घिसावट, कार्यशील पूंजी, पंप सेट के लिए डीजल व बिजली पर होने वाले खर्च समेत अन्य अन्य खर्च शामिल हैं।

सरकार के आकलन के मुताबिक आगामी रबी सीजन में गेहूं की उत्पादन लागत 923 रुपये प्रति कुंटल आकी गई है। इसी प्रकार जौ की उत्पादन लागत 919 रुपये, चना की 2,801 रुपये, मसूर की 2,727 रुपये, सरसों की 2,323 रुपये और कुसुम की 3,470 रुपये प्रति कुंटल आकी गई है।

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) द्वारा रबी फसलों के एमएसपी में वृद्धि की सिफारिश किए जाने के बाद काफी समय से इसकी घोषणा का इंतजार किया जा रहा था।

कमेंट करें
z7pSM
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।