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सीतारमण का मनमोहन को जवाब, अतीत की गलतियों को याद करना जरूरी

सीतारमण का मनमोहन को जवाब, अतीत की गलतियों को याद करना जरूरी

हाईलाइट

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का मनमोहन सिंह को जवाब
  • सीतारमण ने कहा कि अतीत की गलतियों को याद करना जरूरी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की आर्थिक नीति पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निशाना साधने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया है। सीतारमण ने कहा कि अतीत की गलतियों को याद करना जरूरी है। बता दें कि पूर्व पीएम ने कहा था, 'मैं आरोप-प्रत्यारोप में उलझना नहीं चाहता, लेकिन इतना कहूंगा कि सरकार गलत हो रही चीजों के लिए अपने विरोधियों पर दोष मढ़ने में मगन है।

सीतारमण ने अमेरिका में संवाददाताओं से कहा, 'आरोप-प्रत्यारोप में नहीं उलझने की बात कहने के लिए मैं डॉ. मनमोहन सिंह का सम्मान करती हूं, लेकिन किसी बाद का संदर्भ समझाने के लिए किसी खास अवधि में कब और क्या गलत हुआ, यह याद करना बिल्कुल जरूरी है, क्योंकि अब आरोप मुझ पर लग रहे हैं कि अर्थव्यवस्था को लेकर कोई विवरणात्मक बात नहीं कर रही हूं। निर्मला सीतारमण वहां वर्ल्ड बैंक-आईएमएफ की बैठकों में हिस्सा लेने गई हैं।

इससे पहले मनमोहन सिंह ने यहां कहा था, मैंने सिर्फ वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के बयानों को देखा है। मैं उस बयान पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा, लेकिन अर्थव्यवस्था को कोई तभी दुरुस्त कर सकता है जब वह उसके कारणों व उसके सही निदान को जानेगा। सरकार अपने विरोधियों के खिलाफ आरोप मढ़ने में मगन है, इस तरह तो वह अर्थव्यवस्था की बहाली सुनिश्चित कर सकने वाला समाधान नहीं पा सकती।

उन्होंने यह भी कहा था कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) बीते पांच सालों से केंद्र की सत्ता में नहीं है, इसलिए भाजपा की अगुवाई वाली सरकार जिम्मेदार है, मगर वह जिम्मेदारी नहीं ले रही है।

उन्होंने कहा, जब मैं सत्ता में था तो जो हुआ सो हुआ। कुछ कमजोरियां थीं। लेकिन आप हमेशा अपनी गलतियों के लिए यूपीए को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। आप पांच साल से सत्ता में हैं। हर बात में यूपीए की तरफ इशारा करना पर्याप्त नहीं है।

मनमोहन न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय में बातचीत के दौरान निर्मला की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। निर्मला सीतारमण ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक मनमोहन सिंह व पूर्व भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर रघुराम राजन के कार्यकाल के दौरान सबसे बुरे दौर में थे।

वित्तमंत्री ने बाद में कहा कि उन्होंने यह टिप्पणी रघुराम राजन द्वारा केंद्रीय नेतृत्व की आलोचना के बारे में खास सवाल के जवाब में की।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।