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किसानों के कल्याण के लिए कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका महत्वपूर्ण : तोमर

November 05th, 2019 09:57 IST
किसानों के कल्याण के लिए कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका महत्वपूर्ण : तोमर

हाईलाइट

  • किसानों के कल्याण के लिए कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका महत्वपूर्ण : तोमर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित पूसा कैंपस में कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल (एएसआरबी) के नये कार्यालय भवन का शिलान्यास करते हुए कहा कि पुनर्गठित एएसआरबी पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित प्रक्रिया के जरिए सक्षम एवं योग्य कृषि वैज्ञानिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि कृषि देश के लिए विशेष अहमियत रखती है और सरकार का उद्देश्य कृषि उत्पादन, किसानों की आमदनी और कृषि निर्यात में बढ़ोतरी सुनिश्चित कर कृषि अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाना है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए मेहनती किसानों, उनके समुचित प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, बेहतर उपकरण, उर्वरकों के उचित उपयोग के लिए किसानों की जागरूकता इत्यादि अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, इन सभी के साथ-साथ इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए कृषि वैज्ञानिकों की ओर से बहुमूल्य योगदान भी अत्यंत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए एएसआरबी को उचित समय पर पर्याप्त संख्या में सक्षम एवं योग्य कृषि वैज्ञानिकों की उपलब्धता में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है, ताकि उनकी समुचित भर्ती प्रक्रिया और पदोन्नति सुनिश्चित की जा सके।

तोमर ने कहा कि सरकार एसएसआरबी के विशेष महत्व से अवगत है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अगस्त 2018 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णय के जरिए इसे स्वायत्त निकाय का दर्जा दिया गया है। इस निर्णय के परिणामस्वरूप अद्यतन भर्ती नियमों और वैज्ञानिकों की सुव्यवस्थित चयन प्रक्रिया के साथ इसका पुनर्गठन किया गया, ताकि देश भर के विभिन्न संस्थानों में वैज्ञानिकों की निर्बाध भर्ती सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि एएसआरबी की शुरुआत से लेकर अब तक के 45 वर्षो में इसकी भर्ती प्रक्रिया में कई बार संशोधन किए गए हैं, वैज्ञानिकों की भर्ती में तेजी लाई गई तथा प्रशासनिक बदलाव किये गये हैं, जिससे यह पता चलता है कि सरकार कृषि अनुसंधान को कितना महत्व देती है। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने अधिकारियों से आधुनिक प्रौद्योगिकी जैसी आवश्यकताओं के उपयोग को न टालने को कहा। इससे बेहतर भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित होगी, जिससे अनुसंधान और बेहतर हो पाएगा तथा कृषि क्षेत्र की बेहतरी का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे भारत एक समृद्ध एवं मजबूत राष्ट्र बन पाएगा।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।