दैनिक भास्कर हिंदी: किसानों के कल्याण के लिए कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका महत्वपूर्ण : तोमर

November 5th, 2019

हाईलाइट

  • किसानों के कल्याण के लिए कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका महत्वपूर्ण : तोमर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित पूसा कैंपस में कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल (एएसआरबी) के नये कार्यालय भवन का शिलान्यास करते हुए कहा कि पुनर्गठित एएसआरबी पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित प्रक्रिया के जरिए सक्षम एवं योग्य कृषि वैज्ञानिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि कृषि देश के लिए विशेष अहमियत रखती है और सरकार का उद्देश्य कृषि उत्पादन, किसानों की आमदनी और कृषि निर्यात में बढ़ोतरी सुनिश्चित कर कृषि अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाना है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए मेहनती किसानों, उनके समुचित प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, बेहतर उपकरण, उर्वरकों के उचित उपयोग के लिए किसानों की जागरूकता इत्यादि अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, इन सभी के साथ-साथ इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए कृषि वैज्ञानिकों की ओर से बहुमूल्य योगदान भी अत्यंत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए एएसआरबी को उचित समय पर पर्याप्त संख्या में सक्षम एवं योग्य कृषि वैज्ञानिकों की उपलब्धता में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है, ताकि उनकी समुचित भर्ती प्रक्रिया और पदोन्नति सुनिश्चित की जा सके।

तोमर ने कहा कि सरकार एसएसआरबी के विशेष महत्व से अवगत है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अगस्त 2018 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णय के जरिए इसे स्वायत्त निकाय का दर्जा दिया गया है। इस निर्णय के परिणामस्वरूप अद्यतन भर्ती नियमों और वैज्ञानिकों की सुव्यवस्थित चयन प्रक्रिया के साथ इसका पुनर्गठन किया गया, ताकि देश भर के विभिन्न संस्थानों में वैज्ञानिकों की निर्बाध भर्ती सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि एएसआरबी की शुरुआत से लेकर अब तक के 45 वर्षो में इसकी भर्ती प्रक्रिया में कई बार संशोधन किए गए हैं, वैज्ञानिकों की भर्ती में तेजी लाई गई तथा प्रशासनिक बदलाव किये गये हैं, जिससे यह पता चलता है कि सरकार कृषि अनुसंधान को कितना महत्व देती है। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने अधिकारियों से आधुनिक प्रौद्योगिकी जैसी आवश्यकताओं के उपयोग को न टालने को कहा। इससे बेहतर भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित होगी, जिससे अनुसंधान और बेहतर हो पाएगा तथा कृषि क्षेत्र की बेहतरी का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे भारत एक समृद्ध एवं मजबूत राष्ट्र बन पाएगा।