comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

शेयर बाजार तेजी के साथ बंद, सेंसेक्स 292 अंक ऊपर, निफ्टी 11,400 के पार


हाईलाइट

  • सेंसेक्स 291.62 अंकों की तेजी के साथ 38,506.09 पर बंद हुआ
  • निफ्टी 87.15 अंकों की तेजी के साथ 11,428.30 पर बंद हुआ
  • सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में तेजी रही

मुंबई, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 291.62 अंकों की तेजी के साथ 38,506.09 पर और निफ्टी 87.15 अंकों की तेजी के साथ 11,428.30 पर बंद हुआ।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 102.02 अंकों की तेजी के साथ 38,316.49 पर खुला और 291.62 अंकों या 0.76 फीसदी तेजी के साथ 38,506.09 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 38,635.19 के ऊपरी स्तर और 38,238.27 के निचले स्तर को छुआ।

सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में तेजी रही। वीईडीएल (3.79 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.83 फीसदी), ओएनजीसी (2.63 फीसदी), हीरोमोटो कॉर्प (2.56 फीसदी) और मारुति (2.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे- भारती एयरटेल (2.53 फीसदी), इंफोसिस (2.27 फीसदी), टाटा मोटर्स (0.67 फीसदी), एचसीएल टेक (0.27 फीसदी) और टेकमहिंद्रा (0.07 फीसदी)।

बीएसई के मिडकैप में तेजी और स्मॉलकैप सूचकांक में गिरावट रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 99.14 अंकों की तेजी के साथ 13,940.15 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 13.98 अंकों की गिरावट के साथ 12,773.61 पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 19.70 अंकों की तेजी के साथ 11,360.85 पर खुला और 87.15 अंकों या 0.77 फीसदी तेजी के साथ 11,428.30 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 11,462.35 के ऊपरी और 11,342.10 के निचले स्तर को छुआ।

बीएसई के 19 में से 16 सेक्टरों में तेजी रही। ऑटो (2.36 फीसदी), धातु (1.56 फीसदी), बैंकिंग (1.31 फीसदी), उपभोक्ता गैर अनिवार्य वस्तुएं एवं सेवाएं (1.24 फीसदी) और बिजली (1.19 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे - दूरसंचार (2.15 फीसदी), टेक (0.80 फीसदी) व सूचना प्रौद्योगिकी (0.66 फीसदी) रहे।

बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1080 शेयरों में तेजी और 1398 में गिरावट रही, जबकि 179 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

कमेंट करें
lSLAF
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।