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बाजार: चांदी ने तोड़ा 9 साल का रिकॉर्ड, 76000 प्रति किलो के पार, सोने के दाम भी 60 हजार की ओर


हाईलाइट

  • 80 हजार रुपए प्रति किलो तक जा सकती है चांदी
  • आर्थिक अस्थिरता ने बढ़ाई सोने की कीमत
  • खुदरा ग्राहकों के लिए ज्वैलरी पहुंच से बाहर

डिजिटल डेस्क, मुंबई। चांदी ने गुरुवार को घरेलू वायदा एवं हाजिर बाजार में 9 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। चांदी का भाव देश में 76,000 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो एक नया रिकॉर्ड स्तर है। चांदी की कीमत में इस सप्ताह 11,000 रुपए प्रति किलो से ज्यादा का उछाल आया है। माना जा रह है कि इसकी कीमत इस साल के अंत तक 80 हजार रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। सोना भी गुरुवार को नई उंचाई पर चला गया। भारत में सोना 56,000 रुपए प्रति किलो के करीब है तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 2064 डॉलर प्रति औंस के ऊपर चली गई है। अब कयास लगाया जा रहे हैं कि यह 10 से 15 दिन में 60 हजार रुपए तक पहुंच सकता है। 

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी के सितंबर एक्सपायरी अनुबंध में गुरुवार को शाम 17.50 बजे पिछले सत्र से 4130 रुपए यानी 5.74 फीसदी की तेजी के साथ 76023 रुपए प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले कारोबार के दौरान चांदी का भाव 76,190 रुपए प्रति किलो तक उछला, जो एक नया रिकॉर्ड है। इससे पहले 25 अप्रैल, 2011 को एमसीएक्स पर चांदी का भाव 73,600 रुपए प्रति किलो तक चला गया था जो इससे पहले का रिकॉर्ड स्तर है। इस प्रकार चांदी ने करीब 112 महीने का रिकॉर्ड तोड़ा है।

चांदी का सितंबर वायदा अनुबंध बीते सप्ताह 31 जुलाई को 64,984 रुपए प्रति किलो पर बंद हुआ था, जबकि गुरुवार को चांदी 76,190 रुपए प्रति किलो तक उछली। चांदी का भाव देश के हाजिर बाजार में भी गुरुवार को 76,190 रुपए प्रति किलो की ऊंचाई को छूने के बाद 75,980 रुपए प्रति किलो पर बना हुआ था।

सोने में भी रिकॉर्ड उछाल, 56 हजार रुपए पहुंची कीमत
एमसीएक्स पर सोने के अक्टूबर वायदा अनुबंध में 857 रुपए यानी 1.56 फीसदी की तेजी के साथ 55,955 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले कारोबाफर के दौरान सोने का भाव 55,967 रुपए प्रति 10 ग्राम तक उछला, जोकि अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने के अक्टूबर वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 25 डॉलर यानी 1.23 फीसदी की तेजी के साथ 2062.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले भाव 2,064.90 डॉलर प्रति औंस तक उछला जोकि एक नया रिकॉर्ड स्तर है। वैश्विक बाजार में हाजिर में सोने का भाव 2064.91 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चमकी चांदी
कॉमेक्स पर चांदी के सितंबर अनुबंध में पिछले सत्र से 1.43 डॉलर यानी 5.34 फीसदी की तेजी के साथ 28.32 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले चांदी का भाव कॉमेक्स पर 28.53 डॉलर प्रति औंस तक उछला। कॉमेक्स पर चांदी का भाव अप्रैल 2011 में रिकॉर्ड 49.83 डॉलर प्रति औंस तक उछला था जोकि एक रिकॉर्ड है।

डॉलर में गिरावट जारी
दुनिया की छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचक डॉलर इंडेक्स पिछले सत्र से 0.02 फीसदी की कमजोरी के साथ 92.84 पर बना हुआ था। डॉलर इंडेक्स 18 मई को 100.43 तक चढ़ा था, लेकिन उसके बाद से लगातार डॉलर में कमजोरी बनी हुई है।

80 हजार रुपए प्रति किलो तक जा सकती है चांदी
कमोडिटी विश्लेषक और एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि चांदी 80,000 रुपए प्रति किलो तक जा सकती है और सोने का भाव भी 60,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में निवेश के सुरक्षित साधनों के प्रति लोगों की दिलचस्पी और डॉलर में आई कमजोरी से सोने और चांदी की तेजी को सपोर्ट मिल रहा है जो आगे भी जारी रह सकती है।

आर्थिक अस्थिरता ने बढ़ाई सोने की कीमत
पूरी दुनिया में आर्थिक स्थिरता की वजह से निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड में इनवेस्टमेंट बढ़ाते जा रहे हैं, लेकिन रिटेल खरीदारों के इसकी कीमत मुश्किल पैदा कर रही है। आम ग्राहक अब गोल्ड नहीं खरीद पा रहा है। भारत गोल्ड और गोल्ड ज्वैलरी इस्तेमाल करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है लेकिन इन दोनों महंगा होने की वजह से गोल्ड और इसकी ज्वैलरी की मांग लगातार घट रही है। दूसरी ओर निवेशकों के लिए गोल्ड अभी भी हॉट बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बरकरार है। रियल एस्टेट और शेयर बाजार की स्थिति खराब है। इसलिए निवेशकों का पूरा जोर गोल्ड में निवेश पर है।

खुदरा ग्राहकों के लिए ज्वैलरी पहुंच से बाहर
लेकिन रिटेल खरीदारों के लिए सोना महंगा बना हुआ है। इस वजह से ज्वैलरी की मांग लगातार कम होती जा रही है। डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी ने भी इसके दाम बढ़ा दिए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि त्योहारी सीजन में सोने के दाम में और इजाफे की संभावना है। इसलिए ज्वैलरी के दाम में फिलहाल किसी कमी की गुंजाइश नहीं दिखती। भले ही सोने और चांदी ने इस साल निवेशकों को क्रमश: 40 और 50 फीसदी का रिटर्न दिया है। लेकिन रिटेल ग्राहकों के लिए इसके दाम चढ़े हुए हैं।

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