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अमेरिकी बैंक का भारतीय कंपनियों में बड़े पैमाने पर निवेश

June 05th, 2020 19:31 IST
 अमेरिकी बैंक का भारतीय कंपनियों में बड़े पैमाने पर निवेश

हाईलाइट

  • अमेरिकी बैंक का भारतीय कंपनियों में बड़े पैमाने पर निवेश

नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के डेवलपमेंट बैंक डीएफसी ने कोरोना वायरस महामारी के प्रभावों से निपटने के लिए भारत में लाखों डॉलर के निवेश को मंजूरी दी है जो देश में खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगा।

नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के एक बयान में बताया गया है कि यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (यूएसआईडीएफसी) ने विश्व के कई देशों में विकास को गति देने के लिए एक अरब डॉलर निवेश को मंजूरी दी है।

भारत में यूएसआईडीएफसी खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, छोटे डेयरी किसान को सशक्त बनाने व डेयरी उद्योग में नवाचार के लिए, सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने, हाई इम्पैक्ट व्यवसाय को बढ़ावा देने व शिक्षा तक पहुंच बनाने में निवेश कर रहा है।

यूएसआईडीएफसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एडम बोएलर ने कहा, यह परियोजनाएं विश्व में कई सर्वाधिक उपेक्षित समुदायों को ऊपर उठाने में मददगार होंगी। यह कोरोना महामारी के कारण स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर पड़े बुरे प्रभावों की दृष्टि से भी काफी मायने रखता है।

बोर्ड ने दो करोड़ डालर इक्विटी में मंजूर किए हैं जो भारत भर में घरों तक फ्रेश टू होम के तहत उच्च गुणवत्ता और कम कीमत के मांस, मछली व अन्य उत्पादों को पहुंचाने में काम आएंगे।

खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के साथ, यह परियोजना देश में डेढ़ हजार से अधिक किसानों व मछुआरों को मदद देगी।

यूएसआईडीएफसी ने मिल्क मंत्रा की तकनीकी मदद के लिए 371000 डॉलर मंजूर किए हैं जो पूर्वी भारत में डेयरी उत्पाद बनाने व बेचने के लिए साठ हजार से अधिक छोटे किसानों से दूध लेती है। इनमें अधिकांश महिलाएं हैं। डेयरी कंपनी मिल्क मंत्रा को यूएसआईडीएफसी इससे पहले ही एक करोड़ डॉलर का कर्ज दे चुका है।

बयान में कहा गया है कि साउथ एशिया ग्रोथ फंड टू में तीन करोड़ डॉलर का निवेश पूरे भारत में ऊर्जा, जल व खाद्य क्षेत्रों के कारोबार को समर्थन देगा।

राजस्थान में 300 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र को लगाने के लिए 14.2 करोड़ डॉलर का कर्ज मंजूर किया गया है। राजस्थान में ही 100 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सितारा सौर ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड के लिए पांच करोड़ डॉलर कर्ज मंजूर किया गया है।

बयान के मुताबिक, गुजरात में 50 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए पर्याप्त सौर ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड को 2.73 करोड़ का कर्ज दिया जाएगा।

बयान में कहा गया है कि नार्दन आर्क कैपिटल को पांच करोड़ डॉलर का कर्ज मिलेगा। इससे जल, स्वच्छता, खाद्य क्षेत्रों व भारत में महिला आर्थिक सशक्तिकरण की परियोजनाओं को कर्ज दिया जाएगा।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।