बड़ा फैसला: चंद्रशेखरन का दबदबा बरकरार, 5 साल तक बने रहेंगे टाटा संस के चेयरमैन, बोर्ड ने दी हरी झंडी

चंद्रशेखरन का दबदबा बरकरार, 5 साल तक बने रहेंगे टाटा संस के चेयरमैन, बोर्ड ने दी हरी झंडी
मुंबई में टाटा ग्रुप की एक बोर्ड मीटिंग में एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन बनाए रखने के लिए पांच साल के कार्यकाल को मंजूरी दे दी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टाटा समूह की कमान संभाल रहे एन. चंद्रशेखरन का दबदबा बरकरार रहने वाला है। दरअसल, गुरुवार को मुंबई में टाटा ग्रुप की एक बोर्ड मीटिंग में एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन बनाए रखने के लिए पांच साल के कार्यकाल को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार, सिर्फ टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के अगले पांच साल के कार्यकाल का विरोध किया, जबकि अन्य बोर्ड सदस्यों ने इसका समर्थन दिया है। इसका सीधा मतलब यह कि, टाटा समूह की शीर्ष कंपनी के नेतृत्व में तत्काल बदलाव नहीं होगा।

बता दें कि, एन. चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होना था। अगस्त 2026 में उन्होंने दोबारा चेयरमैन बनने की पेशकश नहीं करने की जानकारी दी थी। इसके बाद टाटा ट्रस्ट्स ने नए चेयरमैन के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू करने की बात कही थी।

2017 से संभाल रहे हैं टाटा संस की कमान

एन. चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। इससे पहले वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के प्रमुख रहे थे। 2022 में उन्हें चेयरमैन के तौर पर दूसरा कार्यकाल दिया गया था। अब बोर्ड की मंजूरी के बाद उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए भी जिम्मेदारी मिल गई है। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने एयर इंडिया के अधिग्रहण, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार समेत कई बड़े कारोबारी फैसले किए हैं। वहीं, समूह के सामने एयर इंडिया की वित्तीय चुनौतियां, जगुआर लैंड रोवर से जुड़ी परिस्थितियां और टाटा संस की संभावित लिस्टिंग जैसे मुद्दे भी हैं।

RBI ने हाल ही में मांग को किया था खारिज

चंद्रशेखरन के नए कार्यकाल के बीच टाटा संस की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने हाल ही में टाटा संस की उस मांग को खारिज कर दिया था, जिसमें कंपनी ने खुद को ऐसे नियामकीय ढांचे से बाहर करने की मांग की थी, जिसके तहत लिस्टिंग की जरूरत पड़ सकती है।टाटा संस टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और उसके पास समूह की कई बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी है। RBI के फैसले के बाद कंपनी की लिस्टिंग को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है।

दोबारा चेयरमैन पद नहीं संभालने से किया था इंकार

मालूम हो कि, पिछले महीने ही चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा देने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि, फरवरी में हुई बोर्ड बैठक के दौरान टाटा संस के एक बोर्ड सदस्य ने उनके 5 साल के कार्यकाल के विस्तार को लेकर समर्थन नहीं दिया है। चंद्रशेखरन के दोबारा नियुक्ति नहीं लेने के फैसले के बाद टाटा ट्रस्ट्स ने नए चेयरमैन की तलाश के लिए चयन समिति बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी।

Created On :   17 Sept 2026 5:20 PM IST

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