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दशहरा: मरने से पहले रावण ने लक्ष्मण को बताये थे सफलता के ये मंत्र

October 08th, 2019 08:25 IST
दशहरा: मरने से पहले रावण ने लक्ष्मण को बताये थे सफलता के ये मंत्र

हाईलाइट

  • दशहरा: आज होगी असत्य पर सत्य की विजय
  • आज के दिन राम ने लक्ष्मण को दिलाई थी रावण से शिक्षा
  • रावण ने लक्ष्मण को दिये थे सफलता के मंत्र

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लंकापति रावण के बारे में यह तो सभी को ज्ञात है कि वह अहंकारी, दुराचारी और राक्षसों का राजा था। बलशाली और एक पराक्रमी योद्धा भी था। लेकिन इसके साथ ही वह भगवान शिव का परम भक्त था जिसने 'शिव तांडव' की रचना की थी। विश्रवा पुत्र रावण देवी सरस्वती का उपासक भी था। जब धरती पर रावण का पाप बढ़कर अंतिम चरण में पहुंचा तो विष्णु ने रामावतार में जन्म लेकर उसका विनाश किया।

जब विद्वान रावण मरणासन्न की स्थिति में था, तब भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा 'राजनीति और शक्ति का महान पंडित इस संसार से जा रहा है। तुम उसके पास जाकर उससे जीवन की उन शिक्षाओं को ग्रहण करो जिन्हें किसी दूसरे से प्राप्त नहीं किया जा सकता।' राम के कहने पर लक्ष्मण, मरणासन्न स्थिति में पड़े रावण के सिर के पास जाकर काफी समय तक खड़े रहे लेकिन रावण ने उनसे कुछ नहीं कहा। 

इसके बाद जब लक्ष्मण ने राम के पास जाकर उन्हें सारी बात बताई तो राम ने उन्हें बताया कि यदि किसी से ज्ञान प्राप्त करना हो तो उसके सिर के पास नहीं बल्कि उसके चरणों के पास खड़ा होना चाहिए। राम की बात मानते हुए लक्ष्मण वापस रावण के पास गए और उसके पैरों के पास खड़े हुए तो महाज्ञानी लंकाधिपति रावण ने लक्ष्मण को 5 ऐसी बातें बताई जो आपको जीवन में सफलता तक पहुंचा सकती हैं।

रावण के लक्ष्मण को दिये गए उपदेश

  • हमें कभी भी अपने शत्रु को खुद से कमजोर नहीं समझना चाहिए, क्योंकि कई बार जिसे हम कमजोर समझते हैं वो अंत में हमसे भी ज्यादा शक्तिशाली साबित होता है।
  • हमें कभी भी अपने बल का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। अहंकार हमें मानसिक, भौतिक, सामाजिक, सांसारिक और यहां तक कि आर्थिक रुप से तोड़ देता है।
  • हमें हमेशा हमारे शुभचिंतकों की बातें माननी चाहिए क्योंकि वे अपनों के लिए हमेशा अच्छा चाहते हैं।
  • हमें शत्रु और मित्र की हमेशा पहचान करना सीखना चाहिए। क्योंकि कई बार हम जिसे हमारा मित्र समझ लेते हैं अंत में वही हमारा शत्रु साबित होता है। वहीं जिसे हम पराया समझते हैं, दरअसल वही हमारा अपना होता है।
  • हमें कभी भी किसी पराई स्त्री पर बुरी नज़र नहीं डालनी चाहिए क्योंकि पराई स्त्री और बुरी नज़र डालने वाले व्यक्ति का नाश हो जाता है।
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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।