Amravati News: भोजने नर्सिंग होम में नवजात की बिक्री का मामला, नाबालिग प्रेमी हिरासत में

Amravati News भोजने नर्सिंग होम में 17 वर्षीय नाबालिग की प्रसूति कराने और उसकी नवजात बच्ची को 3.50 लाख रुपए में बेचने का कथित सौदा किए जाने के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पुलिस अब अस्पताल के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, डीवीआर, रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पिछले पांच वर्षों में 30 से अधिक बच्चों के सौदे किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। इस बीच गुरुवार मामले में नाबालिग के प्रेमी को हिरासत में लिया है।
पुलिस को अब तक एक भी मेमो नहीं : अगर किसी भी अस्पताल में नाबालिग गर्भवती भर्ती होती या वह गर्भवती होने का पता चलता है, तो अस्पताल के जरिए तुरंत संबधित पुलिस थाने में मेमो भेजा जाता है। पुलिस नाबालिग लड़की के बयान लेकर उसके साथ शारीरिक संबध बनाने वाले आरोपी को गिरफ्तार करती है।
लेकिन इस नाबालिग की प्रसूति के मामले में भोजने अस्पताल की ओर से राजापेठ पुलिस को कोई मेमो भेजा नही गया। इससे पहले भी ऐसा कोई मेमो नही आने से भोजने दम्पंती से धडल्ले से बच्चों को बेचना शुरू किए जाने की आशंका है। मामले में फरार डॉ. वैशाली भोजने और उनके पति प्रफुल्ल भोजने की तलाश जारी है। दोनों गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत लेने की कोशिश में होने की जानकारी सामने आई है।
मरीजों का डाटा खंगालेंगे : जानकारी के अनुसार जांच में भोजने नर्सिंग होम के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, डीवीआर और अस्पताल के रजिस्टर अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। इन रिकॉर्ड के जरिए अस्पताल में प्रसूति के लिए आने वाली महिलाओं की जानकारी, भर्ती और डिस्चार्ज का विवरण, नवजात बच्चों से संबंधित रिकॉर्ड तथा संबंधित लोगों के संपर्कों की पड़ताल की जा सकती है। पुलिस को आशंका है कि इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच से मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। हालांकि, पांच वर्षों में 30 से अधिक बच्चों के सौदे होने की आशंका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही इस मामले की वास्तविक व्याप्ति स्पष्ट हो सकेगी।
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