- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- बड़ा मल्हेरा
- /
- 15 हजार की घूस लेते बक्स्वाहा तहसील...
बड़ामलहरा न्यूज: 15 हजार की घूस लेते बक्स्वाहा तहसील के बाबू को लोकायुक्त पुलिस ने किया गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क बड़ामलहरा/विधानसभा क्षेत्र के बकस्वाहा में जमीन के नामांतरण से जुड़े मामलों में रिश्वत मांगने की शिकायत पर सागर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को बकस्वाहा तहसील कार्यालय में अचानक दबिश देकर सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी राजन श्रीवास्तव को 15 हजार रुपए की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है । कार्रवाई की खबर फैलते ही तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में कार्यालय परिसर में कर्मचारियों और लोगों की भीड़ जमा हो गई। बताया गया है कि मामला कृष्णकांत बिल्थरे और प्रमिला बिल्थरे के नाम से जुड़े दो प्रकरणों से संबंधित है। शिकायत के अनुसार इन प्रकरणों के काम के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत में पहले 50 हजार रुपए मांगे जाने और बातचीत के बाद कथित तौर पर 25 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था जिसमें पहली किस्त में 10 हजार रुपये दिये जा चुके थे शेष 15 हजार रुपए बाद में देना की बात तय हुई थी।
10 हजार पहले दिए, 15 हजार के लिए बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायतकर्ता को 15 हजार रुपए दिए गए और उसे तहसील कार्यालय भेजा गया।
बताया गया कि रकम पर विशेष रसायन लगाया गया था। शिकायतकर्ता द्वारा जैसे ही कथित तौर पर 15 हजार रुपए राजन श्रीवास्तव को दिए गए, आसपास मौजूद लोकायुक्त टीम सक्रिय हो गई और कर्मचारी को पकड़ लिया गया। टीम ने कथित रिश्वत की रकम बरामद कर मौके पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
लोकायुक्त की अचानक कार्रवाई से तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टीम ने मौके पर दस्तावेजी कार्रवाई की तथा संबंधित प्रकरणों और लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी। आरोपी कर्मचारी से पूछताछ भी की गई। वहीं कार्रवाई में पकड़े गए राजन श्रीवास्तव ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। बाबू का कहना है कि उन्होंने किसी शासकीय कार्य के लिए पैसे नहीं लिए। उनके अनुसार कार्यालय में पदस्थ राजेंद्र पचौरी ने उनसे कहा था कि संबंधित व्यक्ति की तबीयत खराब है और उसे बम्हौरी तक जाना पड़ेगा, इसलिए उसके मोबाइल में पैसे स्थानांतरित कर दें। श्रीवास्तव का दावा है कि इसी उद्देश्य से उन्हें पैसे दिए गए थे।
राजन श्रीवास्तव का यह भी कहना है कि संबंधित लोगों के नाम से उनके पास कोई प्रकरण लंबित नहीं था। उनके मुताबिक प्रकरण क्रमांक 187, दिनांक 08/06/2026-27, आदेश दिनांक 31/07/2026 तथा प्रकरण क्रमांक 238, दिनांक 08/08/2026-27, आदेश दिनांक 08/08/2026 में आदेश पारित हो चुके हैं और दोनों प्रकरणों में आदेश का अमल भी किया जा चुका है।
लोकायुक्त टीम की कार्रवाई में ये रहे शामिल
ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक मंजू किरन तिर्की, निरीक्षक रंजीत सिंह, प्रधान आरक्षक अजय क्षेत्री, रफीक खान, आरक्षक संतोष गोस्वामी, आदेश तिवारी, विक्रम सिंह, गोल्डी, प्रदीप और नीतेश सहित लोकायुक्त टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
Created On :   16 Sept 2026 8:10 PM IST












