औष्णिक विद्युत केंद्र में 19 अधिकारियों के तबादले से हड़कंप, नई नियुक्तियां नहीं होने से बढ़ी चिंता

औष्णिक विद्युत केंद्र में 19 अधिकारियों के तबादले से हड़कंप, नई नियुक्तियां नहीं होने से बढ़ी चिंता
  • 19 अधिकारियों के तबादले से मचा हड़कंप
  • औष्णिक विद्युत केंद्र में नई नियुक्तियां नहीं
  • बड़े पैमाने पर हुए तबादलों से हलचल मची

Beed News. परली वैजनाथ स्थित औष्णिक विद्युत उत्पादन केंद्र में कार्यकारी अभियंता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत कुल 19 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले के आदेश मंगलवार को जारी किए गए। एक साथ इतने बड़े पैमाने पर हुए तबादलों से परियोजना परिसर में हलचल मच गई है। खास बात यह है कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया, उनकी जगह अभी तक किसी भी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। इससे परियोजना के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है और औष्णिक विद्युत परियोजना के भविष्य को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

पिछले कुछ वर्षों से औष्णिक विद्युत केंद्र में बिजली उत्पादन में कमी, पुरानी हो चुकी मशीनरी और परियोजना के भविष्य को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे समय में बड़े पैमाने पर हुए तबादलों ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

तबादला आदेश के तहत कार्यकारी अभियंता, अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता, उपकार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, रसायनशास्त्री, सुरक्षा अधिकारी सहित कई संवेदनशील पदों पर कार्यरत अधिकारियों को अन्य औष्णिक विद्युत, जल विद्युत और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में भेजा।

प्रशासनिक आदेश के अनुसार इन अधिकारियों का तबादला उरण गैस विद्युत केंद्र, भुसावल, चंद्रपुर, कोराडी, खापरखेड़ा, पारस, पोफली, वैतरणा, नाशिक और मुंबई स्थित विभिन्न परियोजनाओं में किया गया है। उनकी जगह तत्काल किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से परियोजना में उपलब्ध मानव संसाधन पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

एक ही आदेश में 19 अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद परियोजना के प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर कर्मचारियों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।

इस बीच मुख्य अभियंता सुनील इंगले ने स्पष्ट किया कि इन तबादलों का कोई विशेष या अलग अर्थ निकालने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है तथा कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुरोध पर भी तबादले किए गए हैं। इसलिए इसके पीछे कोई अन्य कारण नहीं है।

फिर भी, एक साथ 19 अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों में देरी के कारण परली ताप विद्युत केंद्र की कार्यक्षमता और भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अब सभी की नजर महानिर्मिती की आगामी आधिकारिक भूमिका और आगे की नियुक्तियों पर टिकी हुई है।

Created On :   1 July 2026 5:52 PM IST

Tags

Next Story