कार्रवाई: जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन, विवादित फेरफार मामले में पटवारी रूपचंद आभारे निलंबित

जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन, विवादित फेरफार मामले में पटवारी रूपचंद आभारे निलंबित
  • कार्यरत ग्राम राजस्व अधिकारी (पटवारी) रूपचंद सुधाकर आभारे पर गाज गिरी
  • निजी आर्थिक लाभ के लिए विवादित संपत्ति अपनी पत्नी एवं रिश्तेदारों के नाम दर्ज कराई
  • शिकायतकर्ताओं के साथ धोखाधड़ी के गंभीर आरोप

Beed News. माजलगांव तहसील कार्यालय में कार्यरत ग्राम राजस्व अधिकारी (पटवारी) रूपचंद सुधाकर आभारे पर गाज गिरी है। उन्हें सरकारी पद और अधिकारों के दुरुपयोग, निजी आर्थिक लाभ के लिए विवादित संपत्ति अपनी पत्नी एवं रिश्तेदारों के नाम दर्ज कराने तथा शिकायतकर्ताओं के साथ धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों के चलते जिलाधिकारी विवेक जॉनसन ने बुधवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आभारे के खिलाफ शिकायत मिली थी कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विवादित भूमि के फेरफार नियमों के विपरीत स्वीकृत किए और निजी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। मामले की जांच उपविभागीय अधिकारी तथा तहसीलदार, माजलगांव द्वारा की गई।

जांच रिपोर्ट में सामने आया कि मौजे माजलगांव के गट नंबर 105 की भूमि को लेकर स्पेशल दीवानी वाद क्रमांक 19/2024 न्यायालय में लंबित है। साथ ही संबंधित भूमि पर सह-दुय्यम निबंधक कार्यालय में लिस पेंडेंस भी दर्ज थी। इसके बावजूद रूपचंद आभारे ने नियमानुसार रोक होने के बावजूद संबंधित फेरफार मंजूर कर दिए।

जांच में यह भी पाया गया कि 18 जनवरी 2026 को फेरफार क्रमांक 14848, 14827, 14822, 14826, 14847, 14846, 24745, 14823, 14830, 14828, 14821 एवं 14824 को कथित रूप से गलत तरीके से दर्ज कर स्वीकृत किया गया। इसे सरकारी कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना गया।

30 जून 2026 को हुई सुनवाई के दौरान आभारे द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को साक्ष्यों के अभाव में असंतोषजनक मानते हुए खारिज कर दिया गया। साथ ही उनका आचरण महाराष्ट्र सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1979 के नियम-3 का उल्लंघन पाया गया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1979 के नियम-4 के तहत रूपचंद आभारे को 1 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके विरुद्ध नियम-8 के तहत विभागीय जांच भी प्रस्तावित की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय, पाटोदा रहेगा तथा सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।

इस कार्रवाई के बाद माजलगांव के पत्रकार वाजेद पठान, राजरत्न डोंगरे और नईम अत्तार ने कहा कि 29 जून 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष किए गए उनके आंदोलन के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। उन्होंने इसे आंदोलन की महत्वपूर्ण सफलता बताया।

Created On :   1 July 2026 6:33 PM IST

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